रायपुर (चैनल इंडिया)। राज्य में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को जन-आंदोलन बनाने के लिए राज्य सरकार ने अब जनप्रतिनिधियों को कमान सौंपी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी सांसदों और विधायकों से अपील की है कि वे अपने निजी आवासों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर जनता के सामने उदाहरण पेश करें।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा निकायों को इस संबंध में भेजे गए निर्देश के अनुसार, केंद्र सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि योजना की दूसरी वर्षगांठ से पहले सभी सासंद- विधायक अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित करें। शासन का मानना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं हरित ऊर्जा अपनाएंगे, तो इससे आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी और वे भी बिजली बिल कम करने के लिए प्रेरित होंगे।
छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की स्थिति ये है। छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2026 तक लगभग 1.80 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। अब तक 46 हजार 841 घरों में सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। राज्य के 2,000 से अधिक उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल अब ‘जीरो’ हो गया है। योजना के तहत घरों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए सरकार भारी वित्तीय सहायता दे रही है। केंद्र सरकार तीन किलोवाट तक की क्षमता पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। राज्य सरकार, दो किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30 हजार रुपयों की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दे रही है।