नकटी गांव में रात के अंधेरे में हुई कार्रवाई अमानवीय,दोषी अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

नकटी गांव में रात के अंधेरे में हुई कार्रवाई अमानवीय,दोषी अधिकारियों पर हो कड़ी कार्रवाई : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नकटी गांव में हुई बेदखली एवं तोड़फोड़ की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। 

नई दिल्ली से रायपुर लौटने के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि,
नकटी के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सभ्य व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "जो भी लोग रात के अंधेरे मे गरीबों के आशियाने में बरसात में  तोड़-फोड़ की है, वो माफ करने लायक नहीं हैं। उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

जहां तक नकटी की बात है, मैं पिछले 3 सालों से लगातार प्रयास कर रहा था कि इस समस्या का समाधान हो, नकटी वालों के साथ में मैं  था, आज भी हूँ और कल भी रहूँगा। जिन अधिकारियों ने और जिन लोगों ने यह निष्ठुरता की है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।"

पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि वर्ष 2025 में भी उन्होंने पत्र लिखकर ऐसी कार्रवाई को अनुचित बताया था और आज भी क्या वे उसी रुख पर कायम हैं, इस पर सांसद अग्रवाल ने दो टूक कहा,"मैं आज भी उसी स्टैंड पर हूँ। मुझे राजनीतिक जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। जो नकटी गांव के लोगों का विषय है, वह बहुत संवेदनशील विषय है और उस विषय के ऊपर राजनीति करने की बजाय उनके साथ खड़े होना चाहिए।"


उन्होंने कहा कि प्रशासन को मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करना चाहिए। यदि किसी कारणवश पुनर्वास की आवश्यकता हो, तो पहले सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाए। रात के अंधेरे में इस प्रकार की कार्रवाई न केवल अनुचित है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने  कहा है कि जिन अधिकारियों ने अवैधानिक कार्यवाही  की, उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि नकटी गांव के प्रत्येक प्रभावित परिवार के सम्मानजनक पुनर्वास और न्याय के लिए उनका संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा।