हाईकोर्ट सख्त : सड़क पर बर्थडे मनाया तो अब करना पड़ सकता है अवमानना का सामना

हाईकोर्ट सख्त : सड़क पर बर्थडे मनाया तो अब करना पड़ सकता है अवमानना का सामना

बिलासपुर। प्रदेश में सड़कों पर जन्मदिन मनाने, केक काटने और लग्जरी वाहनों का काफिला लगाकर जश्न मनाने की बढ़ती घटनाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है।

हाईकोर्ट ने कहा कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सड़क पर जन्मदिन मनाने और यातायात बाधित करने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। इससे साफ है कि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में सफल नहीं हो पा रहा है।

चीफ जस्टिस ने जताई सख्त नाराजगी

स्वतः संज्ञान याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने राज्य शासन की ओर से उपस्थित अधिवक्ता से कहा कि अब ऐसा लगता है कि प्रशासन इस समस्या से निपटने में असफल हो गया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाकर उनके खिलाफ न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करने का मामला चलाना पड़ सकता है।

कोर्ट ने कहा कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने के समान हैं। साथ ही यह भी दर्शाती हैं कि कुछ लोगों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नियमों और मर्यादाओं का कोई महत्व नहीं रह गया है।

पहले भी दे चुका है सख्त निर्देश

हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में रायपुर में एक मॉल संचालक के बेटे द्वारा सड़क जाम कर जन्मदिन मनाने के मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। उस समय कोर्ट ने प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रदेश के विभिन्न शहरों से सड़क पर केक काटने और जश्न मनाने के कई मामले सामने आते रहे।

कोर्ट ने कई बार राज्य सरकार और पुलिस को ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।

जुर्माना भरकर बच निकलते हैं आरोपी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि वर्तमान में आरोपी मामूली जुर्माना भरकर छूट जाते हैं, जिससे ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। कोर्ट के अनुसार 5 से 10 हजार रुपए का जुर्माना ऐसे लोगों के लिए कोई बड़ी सजा नहीं है, इसलिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।