बिजली नहीं दे सकते तो कुर्सी छोड़ दें अफसर, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू बोले, अब शिकायत आई तो नपेंगे

बिजली नहीं दे सकते तो कुर्सी छोड़ दें अफसर, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू बोले, अब शिकायत आई तो नपेंगे

बिलासपुर (चैनल इंडिया)। लगातार मिल रही अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि अब भी हालात नहीं सुधरे तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश में बिजली संकट की शिकायतें लगातार मिलना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग अघोषित कटौती से परेशान हैं, जबकि विभाग लगातार बेहतर बिजली आपूर्ति के दावे करता रहा है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि जब जनता लगातार परेशान है तो विभाग की ओर से समय रहते समस्याओं की जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि मैनपावर की कमी है, ट्रांसफार्मरों की समस्या है या तकनीकी बाधाएं हैं तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं तो उन्हें अपनी जिम्मेदारी पर पुनर्विचार करना चाहिए। जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है और यदि भविष्य में अघोषित कटौती, ट्रांसफार्मर बदलने में लापरवाही, लो-वोल्टेज या शिकायतों के निराकरण में देरी की शिकायतें फिर सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ  कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता को परेशान करने वाली कार्यप्रणाली अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कॉल सेंटर्स पर भी सवाल
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतें हर हाल में सुनी जानी चाहिए। यदि कॉल सेंटर में फोन नहीं उठ रहे हैं या शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को समस्या की वास्तविक स्थिति से भी अवगत कराया जाए।