रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में अब नए बिजनेस आइडिया के लिए सरकार दस लाख रुपए तक का सीड फंड देगी। यह प्रावधान छत्तीसगढ़ स्टार्ट अप प्रोत्साहन नियम-2026 में किया गया है। इसमें पहली बार स्थानीय युवाओं, सेवानिवृत्त अग्निवीरों और नक्सल प्रभावित परिवारों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप के लिए विशेष ग्रांट और अतिरिक्त प्रोत्साहन के प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नियम लागू हो गया है। इसमें नए बिजनेस आइडिया को शुरुआती दौर में मजबूत करने के लिए अनुदान दिया जाएगी। सरकार का फोकस केवल नए स्टार्टअप शुरू कराने पर नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार आधारित मॉडल से जोडऩे पर है। इसके तहत ऐसे स्टार्टअप को अनुदान और सब्सिडी में प्राथमिकता दी जाएगी, जो छत्तीसगढ़ के निवासियों को नौकरी देंगे। शुरुआत में वित्तीय सहायता मिलने से युवा उद्यमियों को कारोबार शुरू करने में आसानी होगी। नई नीति में सामाजिक समावेशन को भी विशेष महत्व दिया गया है।
छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नियम, 2026 के तहत राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति गठित की जाएगी। इसके अध्यक्ष उद्योग संचालक या उनके नामांकित सदस्य होते हैं। समिति में एमएसएमई-डीएफओ, उद्योग संचालनालय (वित्त) और चिप्स के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा विषय विशेषज्ञ, अनुसंधान एवं शैक्षणिक क्षेत्र के सदस्य होंगे। समिति के प्रमुख कार्य स्टार्टअप और इन्क्यूबेटरों से प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन एवं अनुमोदन करना।
नई स्टार्टअप नीति के तहत लाभ लेने हेतु इकाई का डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्रीज एंड इंटर्नल ट्रेड ऑफ इंडिया (डीपीआईआईटी) से मान्यता प्राप्त होना और छत्तीसगढ़ में स्थापित एवं संचालित होना अनिवार्य है। पात्र होने के लिए स्टार्टअप का प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, भागीदारी फर्म के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है। आवेदन प्रक्रिया के लिए सबसे पहले विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर ‘उद्यम आकांक्षा’’ प्राप्त करना होता है। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रमाण पत्र, डीपीआईआईटी प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण और पिच डेक जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति इन आवेदनों का मूल्यांकन कर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करती है। अपूर्ण आवेदनों की जानकारी 15 कार्य दिवसों के भीतर दी जाती है।