पंचांग 30 जून : आषाढ़ मास की पूर्णिमा का विशेष संयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व

पंचांग 30 जून : आषाढ़ मास की पूर्णिमा का विशेष संयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व

रायपुर। आज यानी 30 जून को सनातन परंपरा में एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की तिथि पर बन रहा आज का यह संयोग धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से विशेष फलदायी है। आज के पंचांग के अनुसार, सूर्योदय सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 23 मिनट पर होगा। आज के दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और पितरों के निमित्त तर्पण करने का विशेष महत्व है। यदि आप आज के इस शुभ दिन पर कोई नया काम, व्यापारिक सौदा, भूमि पूजन या कोई अन्य मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो उसके लिए 'अभिजित मुहूर्त' दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस शुभ अवधि में किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि की संभावना काफी बढ़ जाती है।

ज्योतिष शास्त्र और हिंदू पंचांग में शुभ समय के साथ-साथ अशुभ घड़ी यानी 'राहुकाल' का विचार करना भी अत्यंत आवश्यक माना गया है। आज का राहुकाल दोपहर 03 बजकर 54 मिनट से शाम 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल की इस अवधि में किसी भी प्रकार के नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय शुरू किए गए कार्यों में विघ्न-बाधाएं आने की आशंका रहती है। आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा, इसलिए यदि आपको इस दिशा में अनिवार्य यात्रा करनी पड़े, तो घर से गुड़ खाकर ही निकलें। आज के पावन दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करना, सत्यनारायण कथा का श्रवण करना और शाम के समय मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना जीवन के सभी आर्थिक संकटों को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।