CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार थमी, जगदलपुर समेत कई शहरों में फिर चढ़ा पारा; जानें कब मिलेगी राहत
रायपुर : छत्तीसगढ़ के वासियों को मानसून और झमाझम बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। जहां एक तरफ उम्मीद जताई जा रही थी कि मानसून जल्द ही सूबे में दस्तक देगा, वहीं अब इसकी रफ्तार में थोड़ी सुस्ती देखी जा रही है। मानसून के आगमन में थोड़ी देरी (Delayed Arrival) की संभावना के बीच प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे जगदलपुर सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान का पारा दोबारा ऊपर चढ़ गया है।
प्री-मानसूनी बौछारों के बाद मिली राहत अब हल्की धूप और बढ़ते पारे के कारण उमस भरी गर्मी में तब्दील होने लगी है।
जगदलपुर और बस्तर में फिर बढ़ने लगी तपन
आमतौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रवेश बस्तर संभाग और जगदलपुर के रास्ते होता है, जिसके चलते वहां तापमान में पहले ही गिरावट आ जाती है। लेकिन हालिया मौसमी बदलाव के कारण जगदलपुर समेत दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तीखी धूप के कारण अधिकतम तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बस्तर संभाग के नागरिकों को एक बार फिर चिपचिपी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों थमी मानसून की रफ्तार?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ाने वाली प्रणालियां (Weather Systems) फिलहाल थोड़ी कमजोर हुई हैं:
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हवाओं की दिशा में बदलाव: उत्तर और मध्य भारत से आ रही गर्म हवाओं के प्रभाव के कारण मानसूनी बादलों की प्रगति की गति धीमी पड़ गई है।
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कमजोर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय नहीं है, जो मानसून को छत्तीसगढ़ की ओर तेजी से खींच सके।
इसके चलते जो मानसून अगले 24 से 48 घंटों में बस्तर पहुंचने वाला था, उसकी टाइमलाइन अब कुछ दिन आगे खिसकती नजर आ रही है।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगी उमस, स्थानीय प्रभाव से हो सकती है बूंदाबांदी
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD Raipur) के अनुसार, भले ही मानसून की एंट्री में कुछ दिनों का विलंब हो रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बनने वाले चक्रवाती घेरे (Cyclonic Circulation) के कारण शाम के समय कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, जब तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी को झेलना पड़ेगा।

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