बंगाल में सीएम साय ने जहां-जहां किया प्रचार, वहां-वहां जीती भाजपा
रायपुर। पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत में अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित सीटों का अहम योगदान रहा है। प. बंगाल में 16 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित हैं, जिनमें सभी पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। इसके पीछे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को चुनाव प्रचार में उतारने की भाजपा की रणनीति कामयाब रही। मुख्यमंत्री ने जिन-जिन सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया वहां पार्टी को जीत मिली है।
साय फैक्टर जंगल महल जैसे अनुसूचित जनजाति बहुल इलाकों में काम कर गया। मुख्यमंत्री झारग्राम जिले के झारग्राम, बिनपुर, नयाग्राम और गोपीबल्लवपुर विधानसभा सीटों के भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन में शामिल हुए और उनके समर्थन में रैलियां की। चारों विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री का प्रचार काफी चर्चा में रहा। इसकी वजह से इन सीटों पर आदिवासी वोटरों का झुकाव भाजपा की तरफ रहा और टीएमसी को बहुत बड़ा झटका लगा।
मुख्यमंत्री ने जिन जगहों पर प्रचार किया वहां बीजेपी को 2-5 फीसदी वोट की स्विंग देखने को मिली और भाजपा उमीदवारों ने जीत हासिल की। मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार ने तृणमूल कांग्रेस के इलाके में सेंध लगाने में कामयाबी पाई और भाजपा को विजय श्री दिलवाई। नयाग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लवपुर और झारग्राम में मुख्यमंत्री ने भाजपा उम्मीदवारों के लिए रैलियां, रोड शो और जनसभाएं कीं और
आदिवासी समुदाय से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री की पहचान एक आदिवासी नेता के रूप में होने के कारण यह रणनीति भाजपा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। जंगल महल के आदिवासी बहुल इलाके के वोटरों पर उनका गहरा प्रभाव पड़ा।

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