अवैध लकड़ी कटाई रोकने पर फॉरेस्ट गार्ड पर हमला, डंडे से पीटा; हालत गंभीर
बलरामपुर। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी काटने से रोकने पर एक फॉरेस्ट गार्ड पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह वन वाटिका रामानुजगंज के पास हुई घटना में फॉरेस्ट गार्ड पिंटू मालाकार के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
लकड़ी ले जाते समय रोकने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मनोज भुईया अपनी पत्नी के साथ करीब 4 से 5 फीट लंबा लकड़ी का लट्ठा कंधे पर लेकर वन वाटिका के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड पिंटू मालाकार ने उन्हें रोककर लकड़ी के संबंध में पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान मनोज भुईया ने कंधे पर रखा लकड़ी का लट्ठा फॉरेस्ट गार्ड पर हमला कर दिया। लट्ठे की चोट लगने से पिंटू मालाकार जमीन पर गिर पड़े। उनके सिर में गंभीर चोट आई और कान से भी खून निकलने लगा।
मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों ने कराया अस्पताल में भर्ती
घटना के दौरान आसपास मौजूद मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद घायल फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। फिलहाल उनका उपचार जारी है।
CHC में CT स्कैन की सुविधा नहीं
घटना के बाद स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सिर में गंभीर चोट लगने और कान से खून निकलने के बाद घायल फॉरेस्ट गार्ड के लिए CT स्कैन की जरूरत महसूस हुई, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए जरूरी जांच सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच और उपचार सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल घटना को लेकर पुलिस और वन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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