बेमेतरा में बारिश से ढही दीवार, दो सगी बहनों की मौके पर मौत 

बेमेतरा में बारिश से ढही दीवार, दो सगी बहनों की मौके पर मौत 

सुकमा में बिजली गिरने से युवक की गई जान
कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

रायपुर (चैनल इंडिया)। बेमेतरा जिले में बारिश से कच्चे मकान की एक दीवार ढह गई, हादसे में दो सगी बहनों की मौत हो गई। राऊरपुर गांव में शनिवार रात भर बारिश हुई, रविवार सुबह यह हादसा हुआ। वंशिका कोसले (12) और राधिका कोसले (9) घर के आंगन में दोनों खेल रही थीं, तभी मलबे में दब गई। इसमें एक महिला घायल हुई है।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी चंद्रप्रकाश कोसले ने नया मकान बना लिया था, लेकिन पुराने कच्चे मकान की करीब 7 से 8 फीट ऊंची जर्जर दीवार को नहीं हटाया गया था। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे शशिकला कोसले दीवार के पास बर्तन धो रही थीं, जबकि चंद्रप्रकाश की बेटियां वंशिका कोसले (12) और राधिका कोसले (9) आंगन में खेल रही थीं। इसी दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर गई और तीनों उसके मलबे में दब गए। सुकमा जिले के कुकानार गांव में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, चार अन्य घायल हैं। सभी युवक खेत में काम करने के बाद बारिश से बचने के लिए इमली के पेड़ के नीचे बैठे थे। तभी दोपहर तीन बजे आंधी के साथ बिजली गिरी। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अजय नाग (18) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।   

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने, तूफान की चेतावनी जारी की है। अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां बढऩे के आसार हैं। फिलहाल, मानसून प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत हिस्से को कवर कर चुका है। बस्तर में बारिश को लेकर सबसे बेहतर स्थिति है, फिर भी यहां 54 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। वहीं राजनांदगांव समेत कई जिलों में 80 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

छत्तीसगढ़ में अब तक सिर्फ 23.4 मिमी. वर्षा
नौ दिन देर से आने के बाद भी मानसून छत्तीसगढ़ में स्थापित होने का नाम नहीं ले रहा है। मायूस करने वाली बात ये है कि 22 जून को आगमन के बाद अब तक प्रदेश में केवल 23.4 मिमी. बारिश हुई है। पिछले चौबीस घंटे में केवल बस्तर के दो इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में मानसून को सक्रिय करने के लिए अब तक कोई सिस्टम नहीं है, इसलिए छाने वाले काले बादल उमड़-घुमडक़र वापस लौट जा रहे हैं।