साइबर ठगी में समय और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार,गोल्डन ऑवर को बचाएं
रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान एवं संवाद से समाधान के तहत आज 22 अगस्त को विभिन्न स्कूल एवं कॉलेजों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 800 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। प्रमुख रूप से कुसुमताई डाबके उच्चतर माध्यमिक शाला, तात्यापारा, विवेकानंद महाविद्यालय, के.के. रोड, त्रिमूर्ति नगर एवं सेंट्रल कॉलेज, पीली बिल्डिंग में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेंट्रल कॉलेज में एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा एवं थाना प्रभारी गंज निरीक्षक दीपक पासवान की उपस्थिति में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए।
कार्यक्रमों में युवाओं को वर्तमान में सामने आ रहे यूएसएसडी कोड फ्रॉड/अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग, गिफ्ट बॉक्स डिलीवरी फ्रॉड, इंस्टाग्राम पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट के माध्यम से मॉर्फिंग एवं विशेषकर महिलाओं को परेशान करने वाले साइबर अपराध, एपीके फाइल फ्रॉड तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे ट्रेंडिंग साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई।
बताया गया कि साइबर अपराधी लोगों के भरोसे, लालच, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय “स्टॉप, थिंक एंड एक्ट” की नीति अपनाना आवश्यक है। विद्यार्थियों को “थ्री यू” — अननोन लिंक, अननोन ऐप एवं अननोन पर्सन से विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।
साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में गोल्डन ऑवर के महत्व को समझाते हुए बताया गया कि घटना के तुरंत बाद की गई कार्रवाई से नुकसान को सीमित करने की संभावना बढ़ती है। विद्यार्थियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, डायल 1930 एवं नजदीकी थाना पुलिस के माध्यम से तत्काल सहायता लेने की जानकारी दी गई।
साथ ही साइबर दोस्त एवं रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सोशल मीडिया पेज को फॉलो कर लगातार नए एवं ट्रेंडिंग साइबर अपराधों के संबंध में अपडेटेड रहने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को स्वयं साइबर अपराध से सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने माता-पिता, परिवार एवं परिजनों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस द्वारा युवाओं से अपील की गई कि डिजिटल दुनिया में किसी भी लिंक, फाइल, ऐप या व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें तथा प्रत्येक डिजिटल गतिविधि में सतर्कता, सत्यापन और सुरक्षित व्यवहार को अपनी आदत बनाएं।
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