‘नोट दोगुने’ करने का झांसा देकर अरबों की ठगी: रायपुर पुलिस ने Wash & Wash गैंग के 7 आरोपियों को पुणे के रिसॉर्ट से दबोचा

‘नोट दोगुने’ करने का झांसा देकर अरबों की ठगी: रायपुर पुलिस ने Wash & Wash गैंग के 7 आरोपियों को पुणे के रिसॉर्ट से दबोचा

रायपुर। नोटों को केमिकल से दोगुना करने और काली मुद्रा को असली भारतीय नोटों में बदलने का झांसा देकर देशभर में ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ‘Wash & Wash/Black Currency Scam’ गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह के 7 आरोपियों को पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय है और अब तक देशभर में 100 से अधिक लोगों से अरबों रुपए की ठगी करने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपए से अधिक नकदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार का काला पेपर, कांच की प्लेटें और अन्य सामग्री व दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपियों को पुणे से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है। इस मामले में इससे पहले दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 9 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

*रायपुर में 1.13 करोड़ की ठगी के बाद खुला नेटवर्क*

तेलीबांधा थाने में दर्ज प्रकरण में आरोपियों ने रायपुर के एक व्यक्ति को निशाना बनाकर 1.13 करोड़ रुपए की ठगी की थी। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की डिजिटल जांच की गई। चैट, संपर्क नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली।

इसी आधार पर पुलिस टीम ने आरोपियों को पुणे में ट्रेस किया और करीब एक सप्ताह तक वहां कैंप कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

*करोड़ों रुपए लेकर रिसॉर्ट पहुंचा था पीड़ित*

पुलिस को पता चला कि गिरोह खंडाला के एक रिसॉर्ट में एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर बुला रहा है। वाराणसी निवासी पीड़ित अपने साथ करोड़ों रुपए लेकर रिसॉर्ट पहुंचा और लालच में रकम आरोपियों को सौंप चुका था। इसी दौरान पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को रकम लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

*ऐसे फैलाया जाता था ठगी का जाल*

गिरोह के सदस्य खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते थे। पीड़ित को बड़े निवेश, फंड स्वीकृति, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल और सरकारी स्तर की मंजूरियों जैसी बातें बताकर भरोसे में लिया जाता था।

इसके बाद उसे महंगे होटलों में बुलाकर काले नोटों को केमिकल से असली नोट में बदलने का नकली प्रदर्शन किया जाता था। आरोपियों के पास पहले से असली नोट तैयार रहते थे, जिनका इस्तेमाल पूरी प्रक्रिया को वास्तविक दिखाने के लिए किया जाता था।

भरोसा जमने के बाद विदेशी केमिकल, हाई-पावर केमिकल, परीक्षण, अधिकारियों की अनुमति और फंड रिलीज जैसे बहाने बनाकर पीड़ित से अलग-अलग किश्तों में बड़ी रकम वसूली जाती थी। रकम मिलते ही आरोपी फरार हो जाते थे या किसी अन्य बहाने से पीड़ित को गुमराह कर पैसा हड़प लेते थे।

*‘डी ग्रुप’ से संबंध बताकर बनाते थे दबदबा*

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी खुद को ‘डी ग्रुप कंपनी (दाऊद ग्रुप)’ से जुड़ा बताकर पीड़ितों पर प्रभाव डालने की कोशिश करते थे। गिरोह के सदस्य अपनी भूमिका के हिसाब से ‘कैप्टन’ और ‘बड़े सर’ जैसे नामों से एक-दूसरे को बुलाते थे। पीड़ितों को प्रभावित करने के लिए बड़े नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ फोटो भी दिखाए जाते थे।

गिरोह के मुख्य सदस्य निजी गनमैन रखते थे, ताकि पीड़ितों पर प्रभाव और दबाव बनाया जा सके। पीड़ितों को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, आगरा, राजस्थान, गुजरात और नागपुर समेत अलग-अलग शहरों के फाइव स्टार होटलों में बुलाया जाता था।

*गिरोह के तीन मुख्य सरगना*

पुलिस के अनुसार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। प्रवीण गिरोह में ‘कैप्टन’ और मनोज ‘बड़े सर’ की भूमिका निभाता था। ठगी की रकम का आपस में तय प्रतिशत के आधार पर बंटवारा किया जाता था।

*पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी*

पुलिस के मुताबिक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव पूर्व में इसी तरह की ठगी के मामले में मुंबई में जेल में रह चुका है। वहीं मनोज कुमार श्रीवास्तव मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल जा चुका है।

*पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार*

1. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, उम्र 46 वर्ष, हरियाणा निवासी, वर्तमान पता नालासोपारा, मुंबई।

2. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी, उम्र 52 वर्ष, वाराणसी निवासी।

3. मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, उम्र 55 वर्ष, वाराणसी निवासी।

4. विवेक सिंह, उम्र 48 वर्ष, वाराणसी निवासी।

5. शुभम पांडेय, उम्र 37 वर्ष, जौनपुर निवासी, वर्तमान पता मुंबई।

6. योगेंद्र चौहान, उम्र 48 वर्ष, जौनपुर निवासी।

7. बालमुकुंद दीक्षित, उम्र 40 वर्ष, जौनपुर निवासी।

प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। सभी आरोपियों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 330/26 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस में मामला दर्ज है।