कॉपीराइट गानों के बिना इजाजत इस्तेमाल पर बॉम्बे हाई कोर्ट की सख्ती, संजय दत्त से जुड़े पुणे नाइटक्लब 'Ballr' पर लगी रोक

कॉपीराइट गानों के बिना इजाजत इस्तेमाल पर बॉम्बे हाई कोर्ट की सख्ती, संजय दत्त से जुड़े पुणे नाइटक्लब 'Ballr' पर लगी रोक

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त और व्यवसायी हेरंब शेलके के सह-स्वामित्व वाले पुणे के लग्जरी नाइटक्लब 'Ballr' पर कॉपीराइट गानों का अवैध रूप से इस्तेमाल करने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। म्यूजिक लाइसेंसिंग संस्था 'फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड' (PPL) इंडिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नाइटक्लब प्रबंधन को बिना वैध पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के PPL के म्यूजिक कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग बजाने पर अंतरिम रोक लगा दी है।  

यह पूरा विवाद तब सामने आया जब PPL के एक प्रतिनिधि ने पुणे स्थित नाइटक्लब का दौरा किया और वहां बिना रिन्यू कराए गए लाइसेंस के कई लोकप्रिय बॉलीवुड व अंतरराष्ट्रीय गाने बजते हुए पाए। इनमें 'बदतमीज दिल', 'मौजा ही मौजा', 'दर्द-ए-डिस्को', 'ओ साकी साकी' जैसे हिंदी हिट गानों के साथ-साथ जस्टिन बीबर का 'व्हाट डू यू मीन' और दुआ लिपा का 'लेविटेटिंग' शामिल था। अदालत को सूचित किया गया कि 'Ballr' के पास पहले लाइसेंस मौजूद था, लेकिन इसकी अवधि समाप्त होने के बाद इसे नवीनीकृत नहीं कराया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कमर्शियल परिसरों द्वारा कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।