अंतरधार्मिक निकाह के लिए नए नियमों की तैयारी, वक्फ बोर्ड की अनुमति होगी अनिवार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अंतरधार्मिक निकाह की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है, तो उसे पहले वक्फ बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। बोर्ड के अनुसार, यह नई व्यवस्था अगस्त 2026 से प्रदेशभर में लागू किए जाने की तैयारी है।
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों के मुताबिक, अंतरधार्मिक निकाह से पहले दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताओं की जांच की जाएगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही निकाह संपन्न कराया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का पंजीकरण भी अनिवार्य किया जाएगा। केवल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत मौलाना ही निकाह संपन्न करा सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर निकाह कराने वाले मौलानाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वक्फ बोर्ड का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि निकाह प्रक्रिया को कानूनी रूप से अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। बोर्ड के अनुसार, अंतरधार्मिक विवाह करने वाले जोड़ों को संबंधित कानूनों का पालन करना होगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निकाह कराया जाएगा।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, अंतरधार्मिक निकाह के मामलों में दोनों पक्षों की पहचान, आवश्यक होने पर धर्म परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज, कानूनी औपचारिकताएं और अन्य आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही निकाह की अनुमति प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने बताया कि वर्तमान में कई स्थानों पर बिना किसी केंद्रीय रिकॉर्ड के निकाह संपन्न कराए जाते हैं, जिससे भविष्य में पहचान, वैवाहिक स्थिति और दस्तावेजों से जुड़े विवाद सामने आते हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक निकाह का पूरा रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा और निकाह प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा।
इसके साथ ही, अभी प्रचलित विभिन्न प्रारूपों के निकाहनामों के स्थान पर एक समान प्रारूप लागू करने की भी योजना है। बोर्ड का मानना है कि इससे फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के मामलों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों के अनुसार, आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने तथा संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सभी निकाह का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की योजना बनाई गई है, ताकि भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में जांच प्रक्रिया सरल और प्रभावी हो सके।

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