छत्तीसगढ़ में मिलावटखोरों पर नकेल: 'बने खाबो-बने रहिबो 2.0' अभियान शुरू; 300 किलो एनालॉग पनीर सील, कई जिलों में छापे

छत्तीसगढ़ में मिलावटखोरों पर नकेल: 'बने खाबो-बने रहिबो 2.0' अभियान शुरू; 300 किलो एनालॉग पनीर सील, कई जिलों में छापे
रायपुर: रक्षाबंधन और आगामी त्योहारों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटी व असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रदेशव्यापी सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने सात दिवसीय विशेष जांच एवं जन-जागरूकता अभियान 'बने खाबो-बने रहिबो 2.0' का आगाज किया है। अभियान के पहले ही दिन 17 अगस्त को राज्यभर के होटल, मिठाई दुकानों, डेयरी और कन्फेक्शनरी इकाइयों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई।

महासमुंद में 300 किलो एनालॉग पनीर सील

महासमुंद के भलेसर रोड स्थित 'वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी' में मिलावटी (एनालॉग) पनीर बनाने की शिकायत पर देर रात पुलिस, राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी। करीब तीन घंटे चली इस कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 300 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त कर कोल्ड स्टोरेज में सील किया गया। नमूने को लैब जांच के लिए भेजा गया है।

विभिन्न जिलों में कार्रवाई और नमूने (Samples)

प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विधिक और निगरानी नमूने एकत्र किए:

  • रायपुर: डूमरतराई थोक बाजार से सोन केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ला के 3 विधिक सैंपल लिए गए।
  • बिलासपुर: मिथ्याछाप (Misbranded) पाई गई बर्फी के 23 कार्टन (लगभग 102 किग्रा माल) को सीज किया गया।
  • कोरबा: ₹10,000 मूल्य के मिथ्याछाप खाद्य पदार्थ जब्त किए गए; मैसूर पाक और नारियल लड्डू के सैंपल लिए गए।
  • दुर्ग, बालोद, रायगढ़, कबीरधाम व अन्य: पनीर, खोवा, कलाकंद, घी और बूंदी लड्डू के दर्जनों विधिक व निगरानी सैंपल जांच के लिए भेजे गए।

दुकानदारों को सख्त हिदायत

  1. अखबारी कागज पर प्रतिबंध: खाद्य पदार्थों को पैक करने या रखने में अखबारी कागज (Newspaper) का उपयोग न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
  2. प्रतिबंधित रंग: मिठाइयों और खान-पान में हानिकारक या अप्रमाणित रंगों के इस्तेमाल पर सख्त चेतावनी दी गई है।
  3. लाइसेंस व स्वच्छता: परिसरों में साफ-सफाई रखने, एक्सपायरी डेट का ध्यान रखने और FSSAI का वैध लाइसेंस प्रदर्शित करने के आदेश दिए गए हैं।

उपभोक्ताओं के लिए अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों पर मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि (Manufacturing Date) और बेस्ट बिफोर डेट जरूर जांचें। किसी भी प्रकार की मिलावट या अमानक खाद्य पदार्थ की आशंका होने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।