पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन करें : राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित सांसद 

पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन करें : राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित सांसद 
मुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री को लिखा पत्र
रायपुर (चैनल इंडिया)। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी रायपुर की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। सांसद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को एक विस्तृत पत्र प्रेषित कर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकार के पुनर्निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की भर्ती, संसाधनों एवं अधोसंरचना के विस्तार की वकालत की है। 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि राजधानी में कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को त्वरित और परिणाममुखी बनाना था। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या में तो वृद्धि हुई है, लेकिन मैदानी स्तर पर आरक्षक, प्रधान आरक्षक, उपनिरीक्षक और अधीनस्थ बल की भारी कमी के कारण अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी बल की इसी किल्लत से जूझ रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आंकड़ों के साथ पुलिस बल की कमी को रेखांकित किया। वर्तमान में संयुक्त रक्षित केंद्र में लगभग 660 पद रिक्त हैं, जिनमें 522 आरक्षक, 43 प्रधान आरक्षक, 82 उपनिरीक्षक, नौ सहायक उपनिरीक्षक, चार सूबेदार के पद शामिल हैं। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार राजधानी रायपुर की सुरक्षा, सुगम यातायात और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उनके इस पत्र पर शीघ्र ही सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लेगी।