राशनकार्डधारियों की संख्या बढ़ी, अब 87 प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा का लाभ

राशनकार्डधारियों की संख्या बढ़ी, अब 87 प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा का लाभ

तीन साल में 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी, 16.93 लाख नए सदस्य जुड़े; 83.36 लाख कार्डधारी परिवारों को मिल रहा लाभ

रायपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल,विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने मंगलवार को विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ा है। जनवरी 2024 में जहां प्रदेश में 77 लाख राशनकार्ड प्रचलित थे और करीब 2.69 करोड़ लोगों को रियायती दर पर खाद्यान्न मिल रहा था, वहीं अब 83.36 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं। इनमें 2.73 करोड़ सदस्य पंजीकृत हैं। इस तरह 2026 की अनुमानित आबादी के आधार पर प्रदेश की करीब 87 प्रतिशत आबादी खाद्य सुरक्षा के दायरे में आ चुकी है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में करीब 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए हैं, जबकि 16.93 लाख नए सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा गया है।

3 साल में 74.89 लाख टन चावल बांटा

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित और निशक्तजन परिवारों को पात्रता के अनुसार चावल नि:शुल्क दिया जा रहा है। सामान्य श्रेणी के परिवारों को 10 रुपए प्रति किलो की उपभोक्ता दर पर चावल मिलता है। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक राशनकार्डधारियों को 74.89 लाख टन चावल वितरित किया गया।

445 नई उचित मूल्य दुकानें खुलीं

राशन वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के लिए पिछले तीन वर्षों में 445 नई उचित मूल्य दुकानों का आबंटन किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।

रायपुर समेत 3 जिलों में शुरू हुए ग्रेन एटीएम

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में ग्रेन एटीएम शुरू किए गए हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में प्रदेश के पहले तीन अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम संचालित हैं। इनका संचालन 8 अगस्त 2026 से शुरू हुआ। राशनकार्ड या आधार नंबर दर्ज करने और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद हितग्राही 24 घंटे में कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

किसानों से 3100 रुपए क्विंटल की दर से धान खरीदी

सरकार ने धान उपार्जन की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की है। समर्थन मूल्य 2300 रुपए से बढ़ाकर 3100 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। विभाग के अनुसार, करीब 25 लाख किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 2740 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।

48 घंटे में किसानों के खाते में भुगतान

धान खरीदी के बाद किसानों को समर्थन मूल्य की राशि 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन खातों में ट्रांसफर करने की व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों को समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत कुल 43,723 करोड़ रुपए अंतरित किए गए।

2026-27 के लिए किसान पंजीयन शुरू

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष पंजीकृत एग्रीस्टैक आईडी वाले किसानों को धान बिक्री के लिए दोबारा अलग से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते उनकी भूमि संबंधी जानकारी में बदलाव न हुआ हो।

दो साल में 12 जिलों तक पहुंचेगी PNG

शहरी गैस वितरण व्यवस्था के तहत रायपुर और महेंद्रगढ़ के कुछ घरों में PNG की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। अगले छह महीने में सात अन्य शहरों तक इसका विस्तार करने की योजना है। आगामी दो वर्षों में 12 जिलों में PNG गैस उपलब्ध कराने की कार्ययोजना है।

उपभोक्ता आयोगों में 84% मामलों का निपटारा

उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों में अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 के बीच राज्य उपभोक्ता आयोग को प्राप्त 2,058 शिकायतों में से 1,720 मामलों का निराकरण किया गया। विभाग के अनुसार निपटारे की दर करीब 84 प्रतिशत रही। इसी अवधि में जिला उपभोक्ता आयोगों ने कुल 10,891 मामलों का निपटारा किया। शिकायतों में कुल 16.88 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति निर्धारित हुई, जिसमें से 16.02 करोड़ रुपए प्रभावित पक्षकारों को भुगतान किए जा चुके हैं।

आगे स्मार्ट पीडीएस और नए ग्रेन एटीएम पर जोर

आने वाले दो वर्षों में विभाग की प्राथमिकता सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और डिजिटल बनाने की है। स्मार्ट पीडीएस योजना के तहत राशनकार्ड प्रबंधन, सप्लाई चेन और खाद्यान्न वितरण जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी ग्रेन एटीएम स्थापित करने की योजना है।