CG Weather : 25 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

CG Weather : 25 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अपने चरम पर पहुंच गई है। मौसम केंद्र रायपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आ रही प्रचुर नमी और चक्रवाती घेरे के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की चेतावनी दी है।

किन-किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट?

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार प्रदेश के मैदानी, दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के लगभग सभी प्रमुख जिलों को अलर्ट पर रखा गया है:
  • ऑरेंज और यलो अलर्ट प्रभावित क्षेत्र: रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, भिलाई, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, बिलासपुर, पेंड्रा, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर।
  • मूसलाधार बारिश की संभावना: इन जिलों में से कई स्थानों पर एक-दो बार तेज आंधी और गरज-चमक के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

क्यों हो रही है मूसलाधार बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) छत्तीसगढ़ के मध्य भाग से होकर गुजर रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूरे राज्य में मानसूनी हवाएं तेजी से सक्रिय हैं, जिससे लगातार बारिश का क्रम बना हुआ है।

नदियां उफान पर, जलभराव की स्थिति

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों जैसे महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती और खारून के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे छोटे पुल-पुलिए जलमग्न हो गए हैं और आवागमन प्रभावित हुआ है। दिन के तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी

  • बिजली चमकने पर सतर्कता: कड़क के साथ बारिश होने की स्थिति में पक्के मकानों में शरण लें। खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के खंभों के पास बिल्कुल न जाएं।
  • जलमग्न रास्तों से बचें: उफान पर चल रहे नालों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
  • किसानों के लिए राहत: बारिश का यह स्पेल फसलों के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है, हालांकि निचले खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।