मानसून के लिए अनुकूल हालात, बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

मानसून के लिए अनुकूल हालात, बारिश-आंधी का अलर्ट जारी
60 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा
रायपुर (चैनल इंडिया)। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होती जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही आज से पूरे प्रदेश में मेघगर्जन, वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्तमान में देश के कई हिस्सों में सक्रिय है और इसके आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी प्रवेश कर सकता है। मानसून की इस प्रगति का असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई देने लगेगा।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि आज से प्रदेशभर में मेघगर्जन और वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के करीब पहुंचने के साथ वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे दोपहर और शाम के समय तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। राजधानी रायपुर के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार आज आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। शहर में गरज-चमक के साथ बारिश या अंधड़ चलने की संभावना है। 
बांधों में 52 प्रतिशत से अधिक पानी दो वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई जलाशयों में कुल 3329.41 मिलियन घनमीटर (एमसीयूएम) जल उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का 52.35 प्रतिशत है। यह स्थिति पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में कई जलाशय अच्छी स्थिति में हैं। धमतरी जिले का मुरूमसिल्ली जलाशय 81.50 प्रतिशत क्षमता के साथ सबसे अधिक भरा हुआ है। इसके अलावा कांकेर के दूधावा जलाशय में 74.70 प्रतिशत, राज्य के सबसे बड़े जलाशय मिनीमाता बांगो में वर्तमान में 1626.21 एमसीयूएम जल उपलब्ध है। इसी प्रकार रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय में 48.97 प्रतिशत जलभराव है।