बाघ बना 'मजनू' , बाघिन के 'प्यार' में पहुंच गया 300 किलोमीटर दूर

बाघ बना 'मजनू' , बाघिन के 'प्यार' में पहुंच गया 300 किलोमीटर दूर

नई दिल्ली। तेलंगाना के कवल टाइगर (केटीआर) रिजर्व में महाराष्ट्र से जॉनी नाम का एक नर बाघ आया है। निर्मल जिले में स्थित केटीआर में पिछले एक महीने से इस बाघ को देखा जा रहा है। ये महाराष्ट्र की टिपेश्वर वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी से यहां पहुंचा है। यानी जंगल और खेतों को पार करते हुए जॉनी कुल 300 किलोमीटर का सफर कर चुका है।

माना जा रहा है कि जॉनी अपनी साथी यानी एक बाघिन की तलाश में इतनी दूर तक आया है। उसके पूरे सफर को रेडियो कॉलर की मदद से ट्रैक किया गया है। जॉनी के इस सफर से टिपेश्वर और कवल टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले वाइल्ड एनिमल कॉरिडोर के अहमियत अधिक समझ आती है। बता दें कि कवल टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या पहले ही कम रही है और रिजर्व में बाघों के स्थायी निवास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।