रायपुर (चैनल इंडिया)। बस्तर की विश्वविख्यात हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आज से 2 अगस्त तक रायपुर में ‘द लोकल मेकर्स मार्केट-2026’ का आयोजन किया जाएगा। विधानसभा रोड स्थित द वाहे में होने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में ग्रामोद्योग विभाग की ओर से विशेष ‘बस्तर पवेलियन’ बनाया जाएगा, जहां बस्तर की पारंपरिक कला और शिल्प का प्रदर्शन होगा।
बस्तर पवेलियन में ढोकरा शिल्प, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, जनजातीय कलाकृतियों और हाथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से 80 से अधिक हस्तशिल्प उद्यमी और कलाकार हिस्सा लेंगे। ग्रामोद्योग विभाग की ओर से 20 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे प्रदेश के शिल्पकारों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को नए बाजार, संभावित खरीदारों और डिजाइन विशेषज्ञों से जोडऩा है। इससे शिल्पकारों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के साथ नए व्यावसायिक अवसर भी मिल सकेंगे। विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजनों से पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने कहा कि बस्तर की हस्तशिल्प परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है। राज्य सरकार पारंपरिक कला के संरक्षण, संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। बस्तर पवेलियन के जरिए प्रदेश के शिल्पकारों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। तीन दिवसीय आयोजन में हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ लाइव डेमो, कार्यशालाएं, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम रोजाना दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। विभाग ने प्रदेशवासियों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों से आयोजन में पहुंचकर स्थानीय शिल्पकारों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।