छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती, AE-जेई से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक के पद शामिल

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती, AE-जेई से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक के पद शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज की जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में 1235 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी किया गया है। भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग श्रेणियों और विभागों में रिक्त पदों को भरा जाएगा।

इन पदों पर होगी भर्ती

भर्ती में तकनीकी, गैर-तकनीकी, चिकित्सा, वित्त और सुरक्षा से जुड़े पद शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • सहायक अभियंता (AE)

  • कनिष्ठ अभियंता (JE)

  • प्लांट अटेंडेंट

  • डाटा एंट्री ऑपरेटर

  • चिकित्सक

  • पैरामेडिकल स्टाफ

  • फायर ऑफिसर एवं स्टाफ

  • विधि विभाग के पद

  • वित्त अधिकारी

  • सुरक्षा विभाग के पद

शामिल हैं।

किस कंपनी में कितने पद?

कुल 1235 पदों में अलग-अलग कंपनियों और कॉमन कैडर के पद शामिल हैं।

कंपनी पद
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी 547
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 415
तीनों कंपनियों का कॉमन कैडर 177
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी 96
कुल 1235

श्रेणीवार देखें तो इनमें द्वितीय वर्ग के 189, तृतीय वर्ग के 711 और चतुर्थ वर्ग के 335 पद शामिल हैं।

आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी

भर्ती का विज्ञापन ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) विभाग की ओर से जारी किया गया है। पात्रता, पदवार योग्यता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज की आधिकारिक वेबसाइट

इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन में दिए गए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और अन्य शर्तों को ध्यान से जांचने की सलाह दी जाती है।

बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

राज्य गठन के बाद बिजली कंपनियों में इसे अब तक की बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में से एक बताया जा रहा है। भर्ती का उद्देश्य प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग के बीच पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 67 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। ऐसे में जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े विभागों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से बिजली व्यवस्था के संचालन और सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।