नई दिल्ली: 21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी और पावन माना गया है। शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी और देव शुक्र को समर्पित है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का योग बन रहा है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अनुष्ठान या नए व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले पंचांग के जरिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जान लेना फलदायी रहता है।
| पंचांग अंग |
विवरण |
| दिनांक |
21 अगस्त 2026 |
| वार (दिन) |
शुक्रवार |
| माह |
भाद्रपद |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
| तिथि |
नवमी तिथि (पूर्वाह्न के बाद) |
| नक्षत्र |
अनुराधा (तत्पश्चात ज्येष्ठा) |
| योग |
इन्द्र योग |
| करण |
कौलव तत्पश्चात तैतिल |
सूर्योदय, चंद्रोदय और सूर्य-चंद्र राशि
शुभ एवं अशुभ समय
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अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:58 बजे से 12:49 बजे तक (किसी भी नए कार्य या खरीददारी के लिए अत्यंत शुभ)
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अमृत काल: दोपहर 01:15 बजे से 02:48 बजे तक
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राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक (इस समय कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू न करें)
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दिशाशूल: पश्चिम दिशा (यदि पश्चिम दिशा की ओर यात्रा आवश्यक हो तो थोड़ा दही खाकर या शीशा देखकर घर से निकलें)
आज के विशेष उपाय
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान के बाद उन्हें कमल का फूल, लाल या गुलाबी वस्त्र और खीर का भोग अर्पित करें। 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। आज के दिन सफेद या गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।