पंचांग 23 जुलाई : सावन शुक्ल नवमी पर जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और आज के विशेष योग
नई दिल्ली/अध्यात्म डेस्क: हिंदू पंचांग के अनुसार, 23 जुलाई 2026, दिन गुरुवार को श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। सावन का गुरुवार होने के कारण यह दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु, माता लक्ष्मी और देवगुरु बृहस्पति की उपासना के लिए अत्यंत उत्तम माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के पवित्र महीने में गुरुवार के दिन पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि, ज्ञान और तरक्की के द्वार खुलते हैं।
सनातन परंपरा में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत से पहले दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं 23 जुलाई 2026 का संपूर्ण दैनिक पंचांग:
आज की तिथि और पंचांग विवरण
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दिनांक: 23 जुलाई 2026, गुरुवार
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विक्रम संवत: 2083, अनल
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शक संवत: 1948, क्षय
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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मास (महीना): श्रावण मास (सावन)
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पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)
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तिथि: नवमी तिथि (Navami Tithi)
सूर्य और चंद्रमा की गणना
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सूर्योदय: सुबह 05:38 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:07 बजे
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चन्द्रोदय: दोपहर 02:45 बजे
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चन्द्रास्त: रात 01:45 बजे (24 जुलाई तड़के)
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नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र (Anuradha Nakshatra)
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चन्द्र राशि: वृश्चिक राशि (Scorpio)
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सूर्य राशि: कर्क राशि (Cancer)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शास्त्रों के अनुसार, शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:56 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02:41 बजे से दोपहर 03:36 बजे तक।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:06 बजे से शाम 07:27 बजे तक।
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अमृत काल: रात 10:20 बजे से रात 12:00 बजे तक।
आज का अशुभ समय (Inauspicious Timings)
राहुकाल और अन्य अशुभ समयावधियों में नया व्यापार शुरू करने, यात्रा करने या कोई भी नया मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 02:05 बजे से दोपहर 03:46 बजे तक। (गुरुवार को इस समय में शुभ कार्य न करें)।
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यमगण्ड: सुबह 05:38 बजे से सुबह 07:20 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 09:01 बजे से सुबह 10:43 बजे तक।
सावन गुरुवार का विशेष अचूक उपाय:
आज सावन के गुरुवार को सुबह स्नान के पश्चात केले के वृक्ष में जल अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। भगवान विष्णु को चने की दाल, गुड़ और पीले फूल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। आज के दिन पीले वस्त्र पहनना और जरूरतमंदों में चने की दाल या केसर का दान करना भाग्य और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ाता है।

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