छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; नदियां उफान पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने रविवार, 23 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र ने 23 अगस्त के लिए जिला-वार चेतावनी जारी की है।
मौसम की यह सक्रियता ऐसे समय में है जब प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कुछ इलाकों में सड़क और पुल-पुलियों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
इन जिलों में बारिश पर खास नजर
22 अगस्त की मौसम विभागीय चेतावनी के अनुसार रविवार को जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना बताई गई थी।
अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि जिला-वार चेतावनी समय के साथ अपडेट हो सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर IMD के नवीनतम बुलेटिन को प्राथमिकता देना जरूरी है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित
प्रदेश में बारिश का असर अब सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने से ग्रामीण संपर्क प्रभावित हुआ है। बिलासपुर के मल्हार क्षेत्र में लीलगार नदी के तेज बहाव में बाइक समेत फंसे दो युवकों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं मनेंद्रगढ़ के जनकपुर के पास गोहड़ारी नदी पर बनी करीब 50 साल पुरानी पुलिया तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
सामान्य से 6 फीसदी कम बारिश, लेकिन कई जिलों में ज्यादा बारिश
1 जून से 20 अगस्त के बीच छत्तीसगढ़ में 771.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 818.7 मिमी होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में मौसमी बारिश करीब 6 फीसदी कम रही है। हालांकि बारिश का वितरण समान नहीं है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से करीब 55 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। बलरामपुर, मुंगेली, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर और नारायणपुर भी सामान्य से अधिक बारिश वाले जिलों में शामिल हैं। दूसरी ओर सरगुजा में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
रायपुर जिले में भी इस मानसून सीजन में अब तक 805.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 722.2 मिमी के मुकाबले करीब 12 फीसदी अधिक है।
लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत
बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलियों और रपटों पर पानी का बहाव तेज होने पर वहां से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। मौसम संबंधी चेतावनी के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
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