छत्तीसगढ़-ओडिशा को जोड़ने वाला निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिरा

छत्तीसगढ़-ओडिशा को जोड़ने वाला निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिरा
बस्तर में पुलिया डूबी, दंतेवाड़ा में लैंडस्लाइड
कांकेर में टूटी 15 करोड़ की नहर
खारुन का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
रायपुर (चैनल इंडिया)। गरियाबंद जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से बनाया जा रहा निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिर गया। करीब नौ करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह पुल छत्तीसगढ़ के अमलीगांव और ओडिशा के चार गांवों को जोडऩे वाला था। लगातार बारिश के कारण पुल ढह गया, जिससे दोनों राज्यों के बीच संपर्क प्रभावित हुआ।
लगातार बारिश से रायपुर में खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बस्तर संभाग में नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोडऩे वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाकुलाही के पास पुलिया प्रभावित हुआ है, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं, दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड के खतरे के चलते आवाजाही बंद कर दी गई है। कांकेर जिले में 15 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बनी नहर पहली ही बारिश नहीं झेल पाई और शामतरा के पास ढह गई है। वहीं दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर लैंडस्लाइड के खतरे से आवाजाही बंद है, जबकि कांकेर में 15.5 करोड़ रुपए की नहर पहली ही बारिश में ढह गई।
अगले 24 घण्टे भारी बारिश
बंगाल और ओडिशा में बने सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। हालांकि, 31 जुलाई से धीरे-धीरे बारिश की एक्टिविटी कम होने के संकेत हैं।
तेजी से भर रहा गंगरेल जलाशय
धमतरी जिले में लगातार हो रही वर्षा का असर गंगरेल जलाशय पर साफ  दिखाई दे रहा है। जलाशय में पानी की आवक तेजी से बढऩे के कारण जल स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। 30 जुलाई 2026 की रात्रि 8 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जलाशय अपनी कुल क्षमता का 63.26 प्रतिशत भर चुका है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में जलाशय में लगभग 94,500 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि नियमित निकासी 50 क्यूसेक बनी हुई है। बढ़ती आवक और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य अभियंता के निर्देश पर आवश्यकता पडऩे पर गंगरेल जलाशय से नरराज बैराज की ओर 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकता है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें: सीएम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनसहयोग से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।