रायपुर (चैनल इंडिया)। नवा रायपुर के नकटी गांव में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा है। लेकिन इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों और लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
जिला प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। पिछले करीब दो साल से कब्जाधारियों को नोटिस दिए जा रहे थे और जमीन खाली करने का समय भी दिया गया था। इसके बावजूद कई लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखा। प्रशासन की सूची के अनुसार, कई लोगों ने छोटी नहीं बल्कि बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा किया था। इनमें कुछ मामलों में हजारों से लेकर 29,700 वर्गफुट तक जमीन शामिल है। इस इलाके में जमीन का बाजार मूल्य करीब 5,000 रुपए प्रति वर्गफुट बताया जाता है, यानी कई जगहों पर करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर कब्जा रहा। यह भी बताया गया है कि यह जमीन सामान्य आवासीय नहीं बल्कि शासकीय गौचर और सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, जहां नियम के अनुसार स्कूल, अस्पताल या अन्य सार्वजनिक सुविधाएं बन सकती हैं।
जिला प्रशासन ने बताया है कि वहां वर्ष 2021 में केवल तीन हेक्टेयर क्षेत्र में कच्चे मकान एवं बाड़ी-खलिहान पाए गए थे, लेकिन वर्ष 2023 में यानी दो साल बाद वहां की स्थिति पूरी तरह बदल गई और लगभग 15 हेक्टेयर भूमि पर पक्के मकानों के रूप में अतिक्रमण कर लिया गया। यही नहीं, वहां 10 हजार वर्गफीट से अधिक के क्षेत्रफल में 21 मकान पाए गए। कब्जाधारियों की सामाजिक स्थिति का ये हाल है कि वहां 44 परिवारों के पास उसी गांव में पहले से मकान है। खास बात ये है कि ये तथ्य कार्यपालन अभियंता हाउसिंग बोर्ड के शासकीय पत्र में लिखे हुए हैं।
हटाए गए परिवारों को सेक्टर-30 में आवास
प्रशासन का कहना है कि हटाए गए कई परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में आवास भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रभावित परिवारों के लिए भी पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नियमों के खिलाफ है, चाहे वह किसी भी वर्ग या स्थिति के व्यक्ति द्वारा किया गया हो। कानून सभी के लिए समान है और इसी आधार पर कार्रवाई की गई है। इस पूरे मामले में प्रशासन का पक्ष यही है कि कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शासकीय संपत्ति की सुरक्षा और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
नकटी में हुई कार्रवाई अमानवीय अफसरों पर हो कार्रवाई: बृजमोहन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नकटी गांव में हुई बेदखली एवं तोडफ़ोड़ की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। नकटी के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सभ्य व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जो भी लोग रात के अंधेरे मे गरीबों के आशियाने में बरसात में तोड़-फोड़ की है, वो माफ करने लायक नहीं हैं। उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि नकटी गांव के प्रत्येक प्रभावित परिवार के सम्मानजनक पुनर्वास और न्याय के लिए उनका संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा।