छत्तीसगढ़ में भी लागू हो ग्रेन एटीएम योजना : संजय श्रीवास्तव

छत्तीसगढ़ में भी लागू हो ग्रेन एटीएम योजना : संजय श्रीवास्तव

नागरिक आपूर्ति गिनम के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री एवं खाद्य मंत्री से की पहल’

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने गत माह मेघालय राज्य के शिलांग में संचालित आधुनिक ’’ग्रेन (अनाज) एटीएम’’ प्रणाली का अवलोकन एवं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत अध्ययन किया।

संजय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रेन एटीएम एक अत्याधुनिक स्वचालित मशीन है, जिसे राशन दुकानों के बाहर स्थापित किया जाता है और यह बैंक के एटीएम की तरह कार्य करती है। इस प्रणाली के माध्यम से हितग्राही अपने राशन कार्ड अथवा आधार कार्ड के आधार पर मशीन में अपनी पहचान दर्ज कराते हैं। इसके बाद बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन होने पर मशीन निर्धारित पात्रता के अनुसार स्वतः चावल अथवा गेहूं उपलब्ध कराती है।

श्रीवास्तव ने कहा कि इस तकनीक के लागू होने से हितग्राहियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्राप्त होती हैं। उन्हें राशन लेने के लिए लंबी कतारों में प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती, मशीन द्वारा निर्धारित मात्रा में ही अनाज वितरित होने से तौल संबंधी त्रुटियों एवं अनियमितताओं की संभावना समाप्त हो जाती है तथा वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनती है। ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह ’’24 घंटे’’ संचालित किया जा सकता है। इससे हितग्राही अपनी सुविधा एवं समयानुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही ’’वन नेशन, वन राशन कार्ड’’ योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राही देश के किसी भी स्थान पर उपलब्ध ऐसी मशीन के माध्यम से अपना निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लाभार्थियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मेघालय में ग्रेन एटीएम की व्यवस्था का सफल संचालन यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक और भ्रष्टाचारमुक्त बनाया जा सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री एवं खाद्य मंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश के हितग्राहियों की सुविधा, खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी चरणबद्ध तरीके से ’’ग्रेन एटीएम योजना’’ प्रारंभ किया जाए।

श्रीवास्तव ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ में लागू होती है तो प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारकों को समयबद्ध, सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध होगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, हितग्राहियों का विश्वास और मजबूत होगा तथा सुशासन एवं डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ एक नई मिसाल स्थापित करेगा।