बारिश के मौसम में सिर्फ चेहरा ही नहीं, शरीर की त्वचा को भी चाहिए खास देखभाल; अपनाएं ये आसान टिप्स

बारिश के मौसम में सिर्फ चेहरा ही नहीं, शरीर की त्वचा को भी चाहिए खास देखभाल; अपनाएं ये आसान टिप्स
रायपुर: बारिश का मौसम जहां गर्मी और उमस से राहत दिलाता है, वहीं इस दौरान बढ़ने वाली नमी (Humidity) त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी साथ लाती है। अक्सर लोग मानसून में अपने चेहरे की देखभाल पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर के बाकी हिस्सों की त्वचा को नजरअंदाज कर देते हैं। हवा में नमी के कारण शरीर पर चिपचिपाहट, पसीना, दाने, और फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में चेहरे के साथ-साथ पूरी बॉडी स्किन की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है।

1. एंटी-बैक्टीरियल बॉडी वॉश या साबुन का प्रयोग

मानसून में पसीने और नमी के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। नहाने के लिए नीम, टी-ट्री ऑयल या एलोवेरा युक्त एंटी-बैक्टीरियल बॉडी वॉश या साबुन का इस्तेमाल करें। यह त्वचा को कीटाणुओं से सुरक्षित रखता है और शरीर की दुर्गंध को दूर करता है।

2. त्वचा को सुखाकर रखें और सही कपड़े पहनें

नहाने के बाद शरीर को तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं। अंडरआर्म्स, जांघों और उंगलियों के बीच की त्वचा को सूखा रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन्हीं हिस्सों में फंगल इंफेक्शन (जैसे रैशेज या खाज-खुजली) सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, सिंथेटिक या टाइट कपड़ों के बजाय ढीले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।

3. लाइट और नॉन-ग्रीसी मॉइस्चराइजर चुनें

कई लोग चिपचिपाहट के डर से बारिश के दिनों में मॉइस्चराइजर लगाना छोड़ देते हैं, जो कि गलत है। बार-बार नहाने या हवा में नमी के उतार-चढ़ाव से त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खो सकती है। इसलिए भारी या ऑयली क्रीम की जगह वाटर-बेस्ड या जेल-बेस्ड बॉडी लोशन का इस्तेमाल करें जो त्वचा को बिना चिपचिपा बनाए हाइड्रेटेड रखे।

4. हफ्ते में एक बार करें एक्सफोलिएशन (Scrubbing)

शरीर पर जमी मृत कोशिकाओं (Dead Skin Cells) और पसीने की परत को साफ करने के लिए हफ्ते में कम से कम एक या दो बार माइल्ड बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल करें। आप चाहें तो घर पर ही बेसन, दही और चुटकी भर हल्दी मिलाकर प्राकृतिक बॉडी स्क्रब तैयार कर सकते हैं।

मानसून में बॉडी केयर से जुड़े जरूरी बातें

  • गीले कपड़ों से बचें: अगर बारिश में भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें। गीले कपड़ों में ज्यादा देर रहने से त्वचा में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • बॉडी सनस्क्रीन न भूलें: बादलों के बावजूद यूवी (UV) किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बाहर निकलने से पहले शरीर के खुले हिस्सों (हाथ, पैर, गर्दन) पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • हाइड्रेशन का रखें ध्यान: मौसम ठंडा या नम होने पर भी रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलें और त्वचा अंदर से ग्लो करे।