बिजली के निजीकरण पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान: बोले- कांग्रेस फैला रही भ्रम, सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं

बिजली के निजीकरण पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान: बोले- कांग्रेस फैला रही भ्रम, सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिस प्रक्रिया को बिजली के निजीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी रूटीन प्रक्रिया का यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि सरकार बिजली वितरण का निजीकरण करने जा रही है। 

मुख्यमंत्री बोले- दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर लोगों को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ऐसे भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं होने की अपील की। 

दीपक बैज ने जताई थी आपत्ति

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण में निजी भागीदारी को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक निजी कंपनी ने राजधानी में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस मांगा है।

बैज ने आशंका जताई थी कि निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाने से उपभोक्ताओं पर बिजली की दरों का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस इस मुद्दे का विरोध करेगी। 

बिजली को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

बिजली वितरण में निजी भागीदारी को लेकर कांग्रेस और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस निजी कंपनियों की भागीदारी पर सवाल उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा है कि सरकार बिजली के निजीकरण की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।