अरुण साव बोले- नशा युवाओं को कमजोर करता है, तिलक वर्मा ने कहा- खेल सिखाता है दबाव झेलना
नशे से दूर रहकर आत्मविश्वास से आगे बढ़ें युवा : अरुण साव
खेलो इंडिया संवाद में उप मुख्यमंत्री ने कहा- नशामुक्त युवा ही बनाएगा विकसित भारत; क्रिकेटर तिलक वर्मा ने साझा किए खेल के अनुभव
रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर एनआईटी रायपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवाओं को खेल के साथ नशामुक्ति और सकारात्मक सोच का संदेश मिला। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने युवाओं से नशे से दूर रहकर आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं को खेलों से मिलने वाले अनुशासन, टीम भावना और दबाव से निपटने के गुर बताए।

अरुण साव ने कहा कि हर सफलता के पीछे कठोर परिश्रम होता है। जीवन में असफलता या थोड़ी निराशा आए तो हताश नहीं होना चाहिए। युवाओं को नशे की ओर जाने के बजाय अपनी कमियों को दूर कर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को कमजोर करता है और उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाता है। नशामुक्त होना अपने आप में देश को ताकत और मजबूती देना है। नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं की क्षमता का उपयोग कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
तिलक वर्मा ने बताए खेल के फायदे
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए खेल को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेल कठिन परिस्थितियों से जूझना, दबाव झेलना और मानसिक रूप से मजबूत रहना सिखाता है। खेल के जरिए टीम भावना, कौशल और अनुशासन भी विकसित होता है।
तिलक वर्मा ने कहा कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, फिटनेस और पोषण के प्रति भी जागरूक बनाता है। उन्होंने कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने देश के लाखों युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास पर मंथन
‘खेलो इंडिया संवाद’ के तहत आयोजित युवा संवाद में एनआईटी के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने देश में खेल अधोसंरचना के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करने पर सुझाव दिए। इसके साथ ही नशामुक्ति, युवा नेतृत्व, शासन में युवाओं की भागीदारी और युवा सशक्तीकरण जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअली संबोधित किया। देशभर के करीब 1600 स्थानों से 8 लाख से अधिक युवा इससे जुड़े। कार्यक्रम में यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा सहित एनआईटी के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो और माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी मौजूद रहे।
admin




