बिजली बिल भरने में देरी पर अब चुकाना होगा दैनिक ब्याज
रायपुर (चैनल इंडिया)। राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक जुलाई से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। अब बिजली बिल जमा करने में देरी होने पर उपभोक्ताओं से पूरे महीने का लेट पेमेंट सरचार्ज नहीं लिया जाएगा, बल्कि जितने दिनों की देरी होगी, उसी अनुपात में अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। हालांकि, इसके साथ ही घरेलू और व्यावसायिक बिजली दरों में वृद्धि से उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पडऩे की आशंका भी है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसइआरसी) द्वारा जारी नए टैरिफ आदेश के तहत लेट पेमेंट सरचार्ज की प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अभी तक प्रचलित व्यवस्था में बिल की नियत तिथि बीतते ही उपभोक्ताओं पर 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज लगाया जाता था। देरी चाहे एक दिन की हो या पूरे महीने की, उपभोक्ताओं को पूरे महीने के हिसाब से जुर्माना चुकाना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत अब विलंब शुल्क की गणना दैनिक आधार पर की जाएगी। आयोग ने इसके लिए 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर निर्धारित की है।
उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो ड्यू डेट के कुछ दिन बाद बिजली बिल का भुगतान करते हैं। आयोग के सदस्यों का मानना है कि नई प्रणाली से बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तर्कसंगत और उपभोक्ता हितैषी बनेगी। हालांकि राहत के इस फैसले के साथ बिजली उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का सामना भी करना पड़ेगा।
बढ़ा हुआ मिलेगा बिल
नए टैरिफ के अनुसार घरेलू श्रेणी में बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। खपत के आधार पर उपभोक्ताओं के मासिक बिल में 30 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। कृषि उपभोक्ताओं को मिलने वाली कुछ रियायतों और श्रेणियों के पुनर्गठन में भी बदलाव किया गया है।

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