अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, छत्तीसगढ़ 97 गोल्ड के साथ रहा अव्वल,शामिल हुईं मनु भाकर

अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, छत्तीसगढ़ 97 गोल्ड के साथ रहा  अव्वल,शामिल हुईं मनु भाकर

39 गोल्ड के साथ केरल दूसरा और 37 गोल्ड के साथ मध्यप्रदेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुई 5 दिवसीय अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का रविवार को समापन समारोह बड़े ही भव्यता से संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ 97 गोल्ड के साथ प्रथम स्थान पर रहा। छत्तीसगढ़ ने सिल्वर, 33 कांस्य पदक के साथ कुल 731 प्वाइंट्स लेकर रिकॉर्ड जीत हासिल करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर केरल ने गोल्ड, 37 सिल्वर , ब्रोंज 27, कुल अंक 380 के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरा स्थान मध्यप्रदेश ने  गोल्ड, 26 सिल्वर और 25 कांस्य पदक के साथ कुल अंक 353 प्राप्त किया।

खेल व्यक्तित्व विकास के लिए अहम : डॉ. रमन सिंह

समापन समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल व्यक्तित्व विकास के लिए अहम होता है उन्होंने छत्तीसगढ़ को विजेता बनने पर बधाई दी। साथ ही समापन समारोह पर उपस्थित ओलम्पिक मेडलिस्ट मनु भाकर को भी डॉ सिंह ने बधाई दी।

समारोह का अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप ने आयोजन की सफलता के लिए विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारियों को बधाई प्रेषित किया।

देशभर से 2920 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

आगामी वर्ष का आयोजन के लिए उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच से घोषणा करते हुए बताया कि इसका अगला संस्करण का प्रतियोगिता उत्तराखंड में होगा। समारोह में नोडल ऑफिसर शालिनी रैना ने उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल को ध्वज हस्तांतरण किया।

सभी को भायी छत्तीसगढ़ की मेहमान नवाज़ी

समारोह में वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव ने इस वृहद आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों और विभाग के अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन को इसका श्रेय दिया, वहीं नोडल ऑफिसर शालिनी रैना ने सभी अधिकारियों , कर्मचारियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुवर्णा तिवारी, बस्तर बैंड और लोरिक चंदा ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति 

प्रतिभागियों ने खेल के प्रति उत्साह और छत्तीसगढ़ की मेहमान नवाज़ी की प्रशंसा की। राज्य की संस्कृति और खान-पान की विशेषताएं सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रतिदिन प्रतियोगिताएं एवं संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से यहां की संस्कृति, परम्परा और स्थानीय संगीत से प्रतिभागियों को रूबरू कराया गया।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 1992 से हो रहा है, और यह छत्तीसगढ़ में तीसरी बार संपन्न हुआ। यह प्रतियोगिता वनों के संरक्षण पर आधारित है और इसमें वनरक्षक से लेकर विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।

कार्यकम में बॉलीवुड सिंगर सुवर्णा तिवारी के गानों ने समां बांध दिया । इसके अलावा सुप्रसिद्ध बस्तर बैंड और छत्तीसगढ़ की लोकगाथा लोरिक चन्दा की प्रस्तुति देखकर प्रतिभागी झूम उठे ।