शराब घोटाले में बड़ा एक्शन: ED ने 1200 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क, 85 तक पहुंची आरोपियों की संख्या

शराब घोटाले में बड़ा एक्शन: ED ने 1200 करोड़ की संपत्तियां की कुर्क, 85 तक पहुंची आरोपियों की संख्या

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1200 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। कार्रवाई के दायरे में कारोबारी अनवर ढेबर की चर्चित ‘ढेबर सिटी’ परियोजना और गोवा स्थित प्रीमियम ‘वेस्टइन होटल’ भी शामिल हैं।

ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन अलग-अलग अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए। एजेंसी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों की डीड वैल्यू लगभग 200 करोड़ रुपये है, जबकि उनका बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।


सिंडिकेट के जरिए 2883 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप

ईडी ने आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एसीबी रायपुर की एफआईआर के आधार पर जांच की। जांच में दावा किया गया है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर 2883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की।

जांच एजेंसी के अनुसार इस कथित सिंडिकेट का संचालन कारोबारी अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नेतृत्व में किया जा रहा था।


रायपुर की जमीनें और बेनामी संपत्तियां भी अटैच

पहले कुर्की आदेश के तहत विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर से जुड़ी कई अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। ईडी का आरोप है कि विकास अग्रवाल सिंडिकेट के वित्तीय संचालन में अहम भूमिका निभाता था और डिस्टिलरियों व लाइसेंसधारकों से कमीशन की राशि एकत्र कर सिंडिकेट तक पहुंचाता था।

कार्रवाई के तहत रायपुर स्थित ढेबर सिटी होम्स की कई जमीनों के अलावा शेल कंपनियों के नाम पर खरीदी गई बेनामी संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई गई है।


गोवा का होटल भी जांच के घेरे में

दूसरे कुर्की आदेश में उत्तर गोवा के अंजुना क्षेत्र में स्थित लग्जरी ‘वेस्टइन गोवा’ होटल को अटैच किया गया है। यह होटल पैसिफिका होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है।

ईडी का दावा है कि करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई यह संपत्ति शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थी। जांच में नकदी के परिवहन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।


तीन कंपनियों के खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त

तीसरे कुर्की आदेश के तहत ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड निवेशों को अटैच किया गया है।

ईडी के अनुसार इन कंपनियों को अपने मुनाफे का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा कथित सिंडिकेट को देने के लिए मजबूर किया जाता था, जिससे करीब 51 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।


चार नए आरोपी शामिल, संख्या पहुंची 85

मामले में ईडी ने रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में छठी पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। इसमें कारोबारी विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को आरोपी बनाया गया है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि प्रबीर शर्मा कथित सिंडिकेट के लिए करोड़ों रुपये की नकदी का परिवहन करता था, जबकि विजय भाटिया का ओम साई बेवरेजेस में बेनामी हिस्सेदारी से संबंध सामने आया है।

चार नए आरोपियों के शामिल होने के बाद इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।