एक करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 10.87 लाख की ठगी: फर्जी बैंक दस्तावेज बनाकर कारोबारी को लगाया चूना, इंदौर से आरोपी गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा। यूको बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर 10.87 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को चांपा पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, बैंक का लोगो और नकली हस्ताक्षरों वाले दस्तावेज तैयार कर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन और एसडीओपी चांपा लौकेश बंसल के नेतृत्व में की गई।
अखबार के विज्ञापन से हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, शिवनगर चांपा निवासी आशुतोष अग्रवाल ने 16 जून 2025 को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अखबार में प्रकाशित एक विज्ञापन के माध्यम से उनकी पहचान कुलदीप वशिष्ठ से हुई थी। आरोपी ने खुद को बैंकिंग कार्यों से जुड़ा बताते हुए यूको बैंक से एक करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर ऐंठे 10.87 लाख रुपये
आरोपी ने लोन प्रक्रिया के नाम पर पहले 5 लाख रुपये फिक्स डिपॉजिट और 5 से 6 लाख रुपये अन्य औपचारिकताओं में खर्च होने की बात कही। विश्वास जीतने के लिए उसने फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, बैंक का लोगो और नकली हस्ताक्षरों वाले दस्तावेज भी दिखाए।
आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने उसे 1 लाख रुपये नकद, 25 हजार रुपये फोनपे के माध्यम से, 7 लाख रुपये आरटीजीएस और 2,54,285 रुपये विभिन्न किश्तों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इस तरह आरोपी ने कुल 10,87,285 रुपये की ठगी कर ली।
साइबर तकनीक से इंदौर पहुंची पुलिस
शिकायत के आधार पर थाना चांपा में अपराध क्रमांक 259/25 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। साइबर तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपी की लोकेशन मध्यप्रदेश के इंदौर में मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने इंदौर पहुंचकर कुलदीप वशिष्ठ (41 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से रायपुर का निवासी है और वर्तमान में इंदौर के महालक्ष्मी नगर, थाना लसूड़िया क्षेत्र में रह रहा था।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने ठगी की वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर चांपा लाया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है या नहीं।
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