सेहतमंद समझकर न करें लौकी का अंधाधुंध सेवन; विशेषज्ञों ने जताई कड़वी लौकी से होने वाले गंभीर नुकसान की आशंका

सेहतमंद समझकर न करें लौकी का अंधाधुंध सेवन; विशेषज्ञों ने जताई कड़वी लौकी से होने वाले गंभीर नुकसान की आशंका
नई दिल्ली: हरी सब्जियों में लौकी (घिया) को स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य माना जाता है। वजन घटाने, पाचन सुधारने और दिल को दुरुस्त रखने के लिए डॉक्टर अक्सर लौकी की सब्जी और इसके जूस के सेवन की सलाह देते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि केवल 'हेल्दी' समझकर बिना जांचे-परखे लौकी का सेवन करना सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। विशेष रूप से कड़वी लौकी का सेवन शरीर में विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) फैला सकता है, जिससे पेट की गंभीर बीमारियां और यहां तक कि जानलेवा स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं।

पोषक तत्वों से भरपूर, लेकिन कड़वाहट बन सकती है जहर

लौकी में पानी, डाइट्री फाइबर, विटामिन सी, रिबोफ्लेविन, जिंक और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों में इसे सबसे सुपाच्य और पौष्टिक सब्जियों में गिना जाता है। परंतु, कुकरबिटेसी (Cucurbitaceae) परिवार की सब्जियों में प्राकृतिक रूप से 'कुकरबिटासिन' (Cucurbitacin) नाम का एक तीखा और विषैला रसायन पाया जाता है। सामान्य लौकी में इसकी मात्रा नगण्य होती है, लेकिन यदि लौकी कड़वी हो, तो इसमें कुकरबिटासिन की सांद्रता अत्यधिक बढ़ जाती है, जो शरीर के लिए विष का काम करती है।

कड़वी लौकी के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणाम

कड़वी लौकी या उसके जूस का सेवन करने पर कुकरबिटासिन के कारण शरीर में अचानक तीव्र फूड पॉइजनिंग जैसे लक्षण उभरने लगते हैं। इसके सेवन के कुछ ही समय बाद व्यक्ति को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, चक्कर आना और ब्लड प्रेशर अचानक कम होने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गंभीर मामलों में यह विषाक्तता आंतों और पेट की अंदरूनी झिल्ली को नुकसान पहुंचाती है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग) और ऑर्गन फेलियर तक का खतरा बन जाता है।

सेवन से पहले बरतें ये बेहद जरूरी सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लौकी का लाभ उठाने के लिए रसोई में इसका इस्तेमाल करने से पूर्व कुछ बेहद आसान लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले, लौकी को काटने या उसका जूस निकालने से पहले उसका एक छोटा सा टुकड़ा चख लेना चाहिए। यदि स्वाद जरा सा भी कड़वा लगे, तो उस लौकी को तुरंत फेंक देना चाहिए। इसके अलावा, लौकी के जूस को करेला, आंवला या अन्य सब्जियों के रस के साथ मिलाकर पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से लौकी की प्राकृतिक कड़वाहट दब जाती है और उसका पता नहीं चल पाता।

लौकी निस्संदेह सेहत के लिए एक अत्यंत गुणकारी और लाभदायक सब्जी है, बशर्ते इसका सेवन पूरी सतर्कता और समझदारी के साथ किया जाए। यदि अनजाने में कड़वी लौकी का सेवन हो जाए और जी मिचलाने या पेट दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत निकटतम चिकित्सक या अस्पताल से परामर्श लेना चाहिए।