बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' का ऐतिहासिक तूफान: 300 करोड़ के क्लब के बेहद करीब पहुंची फिल्म; दर्शकों के बीच बरकरार है जबरदस्त क्रेज

बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' का ऐतिहासिक तूफान: 300 करोड़ के क्लब के बेहद करीब पहुंची फिल्म; दर्शकों के बीच बरकरार है जबरदस्त क्रेज
हैदराबाद/मुंबई: अभिनेता तेजा सज्जा स्टारर और निर्देशक प्रशांत वर्मा के निर्देशन में बनी सुपरहीरो फिल्म 'हनु-मान' का बॉक्स ऑफिस पर स्वर्णिम सफर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कम बजट में बनी इस पैन-इंडिया ब्लॉकबस्टर फिल्म ने अपनी रिलीज के बाद से ही कमाई के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यह फिल्म भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपए के जादुई आंकड़े को छूने की दहलीज पर खड़ी है। दर्शकों के शानदार रिस्पॉन्स और मजबूत माउथ-पब्लिसिटी के दम पर 'हनु-मान' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है।

सीमित बजट में हॉलीवुड स्तर का वीएफएक्स और सशक्त कहानी

'हनु-मान' की अप्रत्याशित सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी भारतीय पौराणिक कथाओं से जुड़ी सशक्त कहानी और सीमित बजट के बावजूद शानदार विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को माना जा रहा है। बेहद सीमित संसाधनों में तैयार की गई इस फिल्म ने जिस तरह की सिनेमैटोग्राफी और स्पेशल इफेक्ट्स पेश किए हैं, उसने भारतीय सिनेमा जगत को चकित कर दिया है। दर्शकों ने भगवान हनुमान की भक्ति, सांस्कृतिक संदर्भों और आधुनिक सुपरहीरो कांसेप्ट के इस अनूठे संगम को काफी पसंद किया है, जिससे यह फिल्म बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की पहली पसंद बन गई।

हिंदी पट्टी सहित वैश्विक स्तर पर बनाया नया रिकॉर्ड

केवल तेलुगु भाषी राज्यों में ही नहीं, बल्कि 'हनु-मान' ने हिंदी पट्टी और विदेशी बाजारों (ओवरसीज) में भी उम्मीद से परे कलेक्शन किया है। उत्तर भारत में फिल्म के हिंदी डब संस्करण को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह देखा गया, जिससे फिल्म के शोज और स्क्रीन काउंट में लगातार इजाफा दर्ज किया गया। ट्रेड विश्लेषकों के मुताबिक, घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन के साथ दुनिया भर में फिल्म का कुल कलेक्शन अब 300 करोड़ रुपए के करीब पहुंच चुका है, जो इस श्रेणी की फिल्म के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।

प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स (PVCU) की मजबूत नींव

फिल्म 'हनु-मान' की इस ब्लॉकबस्टर सफलता ने निर्देशक प्रशांत वर्मा के महत्वाकांक्षी 'प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स' (PVCU) के लिए एक मजबूत धरातल तैयार कर दिया है। फिल्म के अंत में इसके अगले भाग 'जय हनुमान' की झलक ने दर्शकों की उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है। सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि 'हनु-मान' ने न केवल क्षेत्रीय सिनेमा की सीमाओं को तोड़ा है, बल्कि यह भी साबित कर दिखाया है कि यदि विषय-वस्तु (कंटेंट) और प्रस्तुतीकरण मजबूत हो, तो भारतीय कहानियों के दम पर वैश्विक पटल पर झंडे गाड़े जा सकते हैं।