छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: 27 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: 27 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के चलते एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने प्रदेश के 27 जिलों में मध्यम से भारी बारिश को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में बन रहे नए सिस्टम के कारण आने वाले अगले दो से तीन दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

27 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी, सतर्कता बरतने की सलाह

मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, बस्तर, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। जिन 27 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर शामिल हैं। विभाग ने इन जिलों के निवासियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर में उमस से राहत, तापमान में गिरावट

राजधानी रायपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है। रुक-रुक कर हो रही हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रायपुर और दुर्ग जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी।

सिस्टम की स्थिति और मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। इस मौसम प्रणाली के कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट पर रखा गया है, वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि वे बारिश और कड़क के दौरान खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें।