CG Crime : बिलासपुर में नाबालिगों से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले आए सामने, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

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CG Crime : बिलासपुर में नाबालिगों से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले आए सामने, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से दिल दहला देने वाली और सामाजिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली दो बड़ी वारदातें सामने आई हैं। यहाँ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म (Rape of Minor) की सनसनीखेज घटनाएं घटित हुई हैं। दोनों ही मामलों में तत्परता दिखाते हुए बिलासपुर पुलिस ने पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

इन घटनाओं के बाद से दोनों ही इलाकों में आक्रोश और तनाव का माहौल देखा जा रहा है।

पहला मामला: डरा-धमकाकर लगातार किया अनाचार

पहली घटना बिलासपुर के एक ग्रामीण थाना क्षेत्र की है, जहाँ आरोपी ने नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया:

  • बहला-फुसलाकर वारदात: आरोपी ने पीड़ित नाबालिग लड़की को पहले डराया-धमकाया और फिर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। लोक-लाज और डर के मारे पीड़िता काफी समय तक चुप रही।

  • गर्भवती होने पर खुलासा: जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ी और उसके गर्भवती होने की बात सामने आई, तब जाकर इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ। परिजनों को आपबीती बताने के बाद तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

  • आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने शिकायत मिलते ही घेराबंदी कर मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।

दूसरा मामला: सूने मकान का फायदा उठाकर दरिंदगी

दूसरा मामला शहर के ही एक अन्य इलाके का है, जहाँ एक युवक ने पड़ोस में रहने वाली नाबालिग को निशाना बनाया:

  • घर में अकेली थी पीड़िता: वारदात के वक्त नाबालिग लड़की घर में अकेली थी। सूने मकान और अकेलेपन का फायदा उठाकर आरोपी जबरन घर में घुस गया और उसके साथ दरिंदगी की।

  • परिजनों ने दर्ज कराई रिपोर्ट: परिजनों के घर लौटने पर पीड़िता ने रोते हुए अपने साथ हुई आपबीती सुनाई। इसके बाद बिना वक्त गंवाए परिजन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।

  • सलाखों के पीछे आरोपी: पुलिस ने इस मामले में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और जांच जारी

बिलासपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रहा है। दोनों ही मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और पीड़िताओं की काउंसलिंग कराई जा रही है। पुलिस कोर्ट में जल्द से जल्द चालान पेश कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में है।