बस्तर के हर परिवार की आय 30 हजार रुपये मासिक करने का लक्ष्य, डेयरी, सिंचाई और पर्यटन पर रहेगा फोकस

बस्तर के हर परिवार की आय 30 हजार रुपये मासिक करने का लक्ष्य, डेयरी, सिंचाई और पर्यटन पर रहेगा फोकस

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के समग्र विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत करते हुए अगले तीन वर्षों में क्षेत्र के प्रत्येक परिवार की मासिक आय 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय करीब 15 हजार रुपये है।

मुख्यमंत्री साय ने यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में दी। बैठक में उन्होंने माओवादी हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर की बदलती तस्वीर और विकास आधारित मॉडल को देश के सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि, पशुपालन, वन उपज, लघु उद्योगों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनका लक्ष्य बस्तर को आत्मनिर्भर और समृद्ध क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

डेयरी मॉडल से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय

मुख्यमंत्री ने बताया कि डेयरी विकास योजना के तहत आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को गाय एवं दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और परिवारों को अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत मिलेगा।

32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई विस्तार

कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार बस्तर में 32 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। इससे किसानों को वर्षभर खेती करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पर्यटन बनेगा रोजगार का नया आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, आदिवासी संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन से जोड़कर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया जाएगा। सरकार पर्यटन को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है।

AI और सेमीकंडक्टर निवेश पर भी जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की रणनीति भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक को एकीकृत कर विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है।

डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल, सुरक्षा शिविर, शिक्षा सुधार और कौशल प्रशिक्षण जैसी योजनाओं को भी इसी व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा बताया गया।

विकसित बस्तर की नई तस्वीर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब केवल चुनौतियों का क्षेत्र नहीं, बल्कि संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है। सरकार का उद्देश्य विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।