आरसीबी को भाया छत्तीसगढ़, पाटीदार आदिवासी इतिहास से हुए प्रभावित
गोदना कला देख कुणाल पंड्या हतप्रभ
रायपुर (चैनल इंडिया)। रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू ने इस साल रायपुर को अपना दूसरा होम ग्राउंड बनाया है। टीम अपने दो मैच खेलने के लिए रायपुर के मायरा रिसोर्ट में रुकी हुई है। जहां टीम के खिलाडिय़ों ने स्थानीय संस्कृति और खानपान का जमकर आनंद लिया। आरसीबी के प्लेयर्स को छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कांदा भाजी, चरोटा भाजी और रागी से बने व्यंजन परोसे गए। गर्मियों से राहत के लिए खिलाडिय़ों ने बस्तर के प्राकृतिक तिखुर शरबत का स्वाद भी चखा।
कैप्टन रजत पाटीदार ने कहा कि मुझे यह बहुत पसंद आया, खासकर जब हम अंदर गए और उन्होंने ड्रम के साथ ट्रेडिशनल म्यूजिक़ बजाया, जबकि लोग डांस कर रहे थे। हमें यहां के ट्राइबल कम्युनिटी और उनके इतिहास के बारे में भी जानने का मौका मिला, जो वाकई में खास था। प्लेयर्स के लिए शाम की एक खास बात मशहूर गोदना आर्ट फार्म को खोजना था, जो ट्राइबल कल्चर में गहराई से जुड़ा एक ट्रेडिशनल टैटू प्रैक्टिस है, जो अब पीढिय़ों तक आर्ट को बचाए रखने के लिए टेक्सटाइल और कपड़ों के डिज़ाइन में बदल गया है।
कुणाल पंड्या खास तौर पर आर्टवर्क के पीछे की कारीगरी और कहानी कहने के तरीके से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि मैं पहली बार रायपुर आ रहा हूँ और यह बहुत कमाल का रहा। मैंने छत्तीसगढ़ और रायपुर की रिच विरासत और कल्चर को एक्सप्लोर किया। यहाँ के लोग बहुत हुनरमंद हैं, हैंडीक्राफ्ट, कला और उन्होंने इसे कैसे संभालकर रखा है, इसके बारे में जानना वाकई बहुत अनोखा था। यह देखना कमाल का है कि कल्चर और परंपराओं को कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

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