नई दिल्ली/रायपुर: 10 सितंबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी/अमावस्या तिथि का प्रभाव रहेगा। दैनिक पंचांग के माध्यम से दिनभर के शुभ-अशुभ समय, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का पता चलता है, जिससे मांगलिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों को सही समय पर आयोजित करने में मदद मिलती है।
तिथि, नक्षत्र और पंचांगीय स्थिति
10 सितंबर 2026 को विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 रहेगा। आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तिथि के साथ मघा/पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज सूर्यदेव अपनी स्वराशि सिंह में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी सिंह राशि में संचार करेंगे। आज के दिन शिव योग और सिद्ध योग की उपस्थिति से धार्मिक अनुष्ठानों व पूजा-अर्चना के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
पंचांगीय गणना के अनुसार 10 सितंबर को सूर्योदय सुबह 06:04 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 06:32 बजे होने का अनुमान है। चंद्रोदय और चंद्रास्त की तिथियों के अनुसार आज रात के समय चंद्र स्थिति में परिवर्तन रहेगा। सूर्य और चंद्रमा के इसी दैनिक परिवर्तन के आधार पर दिनभर के चौघड़िया और शुभ-अशुभ कालों का निर्धारण किया जाता है।
शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
धार्मिक परंपराओं में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त को सबसे उत्तम माना गया है। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किए गए कार्यों को सफलता देने वाला माना जाता है। वहीं, राहुकाल के दौरान किसी भी नए कार्य का आरंभ या महत्वपूर्ण यात्रा करने से परहेज किया जाता है। आज का राहुकाल दोपहर 01:50 बजे से अपराह्न 03:24 बजे तक रहेगा। आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।