छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून: चढ़ा पारा, फिर बढ़ी उमस और गर्मी; जानें किस दिन से मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून: चढ़ा पारा, फिर बढ़ी उमस और गर्मी; जानें किस दिन से मिलेगी राहत
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां सुस्त पड़ते ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पारा एक बार फिर चढ़ने लगा है। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, मानसूनी तंत्र के सुस्त होने से बारिश का दौर थम गया है, जिससे दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेज धूप और हवा में प्रचुर नमी होने के कारण लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

पारे में उछाल और उमस से जनजीवन प्रभावित

बारिश रुकते ही राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव और रायगढ़ समेत कई जिलों में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। आसमान साफ रहने से सीधी धूप पड़ रही है, जिसके चलते अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। नमी और बढ़े हुए तापमान के कारण दोपहर के समय लोगों का पसीना छूट रहा है और उमस ने बेचैनी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि जब तक नया मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय नहीं होता, तब तक तापमान में हल्की वृद्धि और उमस का प्रभाव बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, इस दिन से मिलेगी राहत

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय क्षेत्रों में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) आकार ले रहा है। इस चक्रवाती तंत्र के और अधिक मजबूत होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में अगले 48 से 72 घंटों के भीतर फिर से नमीयुक्त हवाओं का आगमन तेजी से शुरू होगा। इसके प्रभाव से बस्तर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम से जुड़े मुख्य बिंदु

  • मानसून सुस्त: राज्य में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने से ज्यादातर जिलों में बारिश पर फिलहाल विराम।
  • तापमान में वृद्धि: पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से दिनभर उमस और गर्मी का असर।
  • राहत का अनुमान: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम से 2 से 3 दिनों बाद फिर शुरू होगी झमाझम बारिश।
  • स्थानीय चेतावनी: इस दौरान स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों से कुछ स्थानों पर छिटपुट फुहारें या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।