17 वर्षीय नाबालिग आरोपी पर केस दर्ज
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मनचले की प्रताड़ना से तंग आकर 20 वर्षीय होनहार कॉलेज छात्रा ने मौत को गले लगा लिया। पाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव के ही एक 17 वर्षीय नाबालिग द्वारा लगातार की जा रही छेड़छाड़, रास्ते में रोककर दबाव बनाने और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्रा ने चूहा मार दवा खा ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिनों तक चले इलाज के बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की शिकायत और मेमो के आधार पर नाबालिग आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट से धमकाता था आरोपी, परिजनों की समझाइश का भी नहीं हुआ असर
परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के मुताबिक, गांव का 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को कॉलेज आते-जाते समय रास्ते में रोककर परेशान करता था और उस पर मिलने का दबाव बनाता था। आरोपी इतना बेखौफ था कि वह अपने भाई और मां के नाम फर्जी सुसाइड नोट लिखकर छात्रा को धमकाता था कि यदि वह उससे नहीं मिली, तो वह खुदकुशी कर लेगा और इसका जिम्मेदार उसे ठहराएगा। छात्रा और उसके परिजनों ने कई बार आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। इस लगातार ब्लैकमेलिंग और मानसिक तनाव के कारण छात्रा गहरे डिप्रेशन में चली गई।
अस्पताल में तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
लगातार मिल रही प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने 3 सितंबर को चूहा मारने वाली दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाली लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अस्पताल में तीन दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद रविवार शाम छात्रा ने अंतिम सांस ली। परिजनों ने बताया कि मृतका पढ़ाई में बहुत होशियार थी और 12वीं पूरी करने के बाद कॉलेज में अध्ययनरत थी। पिता के निधन के बाद उसके दो भाई बाहर रहकर काम करते हैं, जो हाल ही में रक्षाबंधन पर घर आए थे और छात्रा से राखी बंधवाई थी।
पुलिस जांच और मुख्य बिंदु
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मामले की स्थिति: पाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर पुलिस ने जिला अस्पताल चौकी में बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस अधिकारी का बयान: सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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गहन जांच जारी: पुलिस आरोपी द्वारा धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके, सुसाइड नोट और प्रताड़ना के सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।