ऑनलाइन सट्टा एप का सरगना तिल्दा से गिरफ्तार, 'शिवा बुक' नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे
खैरागढ़। ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैंबलिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। छुईखदान थाना पुलिस ने बहुचर्चित ऑनलाइन सट्टा मामले में फरार चल रहे आरोपी तरुण वर्मा (36) को रायपुर जिले के तिल्दा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रदेश में संचालित 'शिवा बुक' नामक ऑनलाइन सट्टा एप का मुख्य संचालक था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी राहुल देवांगन से पूछताछ में तरुण वर्मा की भूमिका सामने आई।
10 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराया था पैनल
पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल देवांगन ने छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित करने के लिए तरुण वर्मा से 'शिवा बुक' एप का पैनल खरीदा था। इसके एवज में तरुण वर्मा पूरे कारोबार से मिलने वाली राशि का 10 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करता था।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे विभिन्न यूपीआई खातों के माध्यम से अब तक 8 से 10 लाख रुपये तक कमीशन मिला है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से उसने ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन नष्ट कर दिया था।
लैपटॉप से मिले अहम डिजिटल साक्ष्य
हालांकि पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एचपी कंपनी का लैपटॉप बरामद किया है। डिजिटल फॉरेंसिक जांच में लैपटॉप से ऑनलाइन गैंबलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एचपी लैपटॉप, भारतीय स्टेट बैंक की पासबुक, एसबीआई क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड तथा इंडसइंड बैंक का एटीएम कार्ड भी जब्त किया है।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318(4), 317(2), 317(4), 61(2), आईटी एक्ट की धारा 66(D) तथा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

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