आयकर रिटर्न में शादी के गिफ्ट से सोलर सब्सिडी तक बताना जरूरी

आयकर रिटर्न में शादी के गिफ्ट से सोलर सब्सिडी तक बताना जरूरी
रायपुर (चैनल इंडिया)। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय इस बार करदाताओं को अधिक सावधानी बरतनी होगी। नियमों में बदलाव के बाद पहली बार शादी-समारोह या रिश्तेदारों से मिले उपहार की जानकारी भी देनी होगी। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने और सरकारी योजनाओं के तहत मिली सब्सिडी या अनुदान का ब्योरा भी आईटीआर में दर्ज करना होगा। जानकारी छिपाने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक हो सकती है।
आयकर रिटर्न में अब वसीयत या संयुक्त हिंदू परिवार के बंटवारे से मिली संपत्ति, कृषि भूमि की बिक्री और महतारी वंदन जैसी सरकारी योजनाओं से मिली राशि की जानकारी भी देनी होगी। सोलर सब्सिडी समेत दूसरी सरकारी सहायता भी इसके दायरे में आएगी। इन पर मिलने वाली आयकर छूट पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन आईटीआर में इनका उल्लेख अनिवार्य होगा। पहले ऐसी करमुक्त प्राप्तियों की विस्तृत जानकारी देना जरूरी नहीं था।
16 लाख भरते हैं रिटर्न अब तक 65 प्रतिशत जमा
छत्तीसगढ़ में करीब 16 लाख लोग, संस्थाए और कंपनियां इंकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं। सीए एसोसिएशन के अनुसार अभी 65 प्रतिशत ने रिटर्न दाखिल कर दिया है। 31 जुलाई तक यह संख्या 90 से 95 फीसदी के आसपास जाने की संभावना है। बाकी लोग तकनीकी और कई कारणों से रिटर्न जमा नहीं करते हैं। हालांकि इनमें भी बाद में लोग 1000 रुपए जुर्माना शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल  कर देते हैं। एसोसिएशन के अनुसार अभी 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने वालों में सबसे बड़ी संख्या नौकरीपेशा वालों की है।