नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़: छत्तीसगढ़ की 2 डॉक्टर लापता, बिलासपुर की मंजू राय के सुरक्षित होने की सूचना

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़: छत्तीसगढ़ की 2 डॉक्टर लापता, बिलासपुर की मंजू राय के सुरक्षित होने की सूचना

रायपुर/अंबिकापुर/बिलासपुर। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद छत्तीसगढ़ के लोगों को लेकर चिंता बनी हुई है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता और बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी प्रशासन को मिली है, हालांकि उनसे प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन संबंधित एजेंसियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटा रहे हैं।

अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता 80 यात्रियों के दल के साथ लापता

अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। बताया गया है कि बाढ़ के समय वह इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थीं।

जानकारी के मुताबिक, 25 अगस्त को डॉ. मीना गुप्ता समेत करीब 80 यात्रियों का दल इमिग्रेशन सेंटर पहुंचा था, तभी क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया। इसके बाद से डॉ. मीना और उनके साथ मौजूद यात्रियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

परिजनों को उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद है। डॉ. मीना की शुरुआती शिक्षा अंबिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल में हुई है और वह वर्तमान में इंग्लैंड में स्किन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने करता राम गुप्ता से घटना की जानकारी ली है और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। बताया गया है कि मंत्री इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं।

बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी से 25 अगस्त से संपर्क नहीं

बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। उनके पिता रमेश चौधरी के अनुसार, 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे प्रियंका ने अपनी मां से फोन पर बात की थी।

फोन पर प्रियंका ने बताया था कि वह चीन एंबेसी के पास इमिग्रेशन प्रक्रिया के लिए जा रही हैं। इसके कुछ समय बाद नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बाढ़ की सूचना सामने आई और इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो सका।

परिजनों ने प्रियंका के पति से भी संपर्क करने का प्रयास किया। बताया गया है कि उनके पति फिनलैंड में रहते हैं।

प्रियंका की पढ़ाई बिलासपुर में हुई है। इसके बाद उन्होंने राजनांदगांव से बीडीएस, यूके से एमडीएस और फिनलैंड से पीएचडी की। वह करीब 10 वर्षों से फिनलैंड में रह रही हैं।

मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद उनका काठमांडू से दिल्ली और फिर रक्षाबंधन के अवसर पर बिलासपुर आने का कार्यक्रम था।

बिलासपुर की मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की सूचना

बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। आपदा के बाद उनसे संपर्क टूटने पर परिवार ने प्रशासन से मदद मांगी थी।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के अनुसार, मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है। हालांकि प्रशासन अभी उनसे प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने और उनकी स्थिति की पूरी पुष्टि करने का प्रयास कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, मंजू बिलासपुर से अकेले कोलकाता गई थीं। वहां से वह 21 अगस्त को करीब 30 लोगों के दल के साथ नेपाल के लिए रवाना हुईं। परिजनों से उनकी आखिरी बातचीत 25 अगस्त को हुई थी। उनकी वापसी 3 सितंबर को प्रस्तावित थी।

रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित, घर लौटने के लिए रवाना

इस बीच रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया है कि पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब नेपाल से रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।

रायपुर निवासी मोनिका यादव के संपर्क टूटने की सूचना के बाद प्रशासन ने उनके परिजनों से संपर्क किया है। उनकी स्थिति को लेकर संबंधित एजेंसियों से जानकारी जुटाई जा रही है।

मोनिका यादव महादेव घाट क्षेत्र की निवासी हैं और 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने की सूचना सामने आई थी।

राज्य सरकार जुटा रही जानकारी

छत्तीसगढ़ सरकार विभिन्न जिलों के प्रशासन और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से नेपाल में मौजूद प्रदेश के नागरिकों की स्थिति की जानकारी जुटा रही है।

प्रशासन का कहना है कि संपर्क व्यवस्था और राहत अभियान से जुड़ी नई जानकारी मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

नेपाल में बड़े स्तर पर बचाव अभियान

नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई आपदा के बाद विभिन्न देशों के नागरिक प्रभावित हुए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित लोगों में ट्रेकिंग, पर्यटन और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं।

बचाव दलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। कई विदेशी नागरिकों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

हालांकि, प्रभावित और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग स्तर पर आंकड़े सामने आ रहे हैं। ऐसे में अंतिम संख्या की पुष्टि संबंधित सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक अपडेट के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल स्थिति

  • डॉ. मीना गुप्ता, अंबिकापुर: संपर्क नहीं हो सका

  • डॉ. प्रियंका चौधरी, बिलासपुर: संपर्क नहीं हो सका

  • मंजू राय चौधरी, बिलासपुर: सुरक्षित होने की सूचना, संपर्क के प्रयास जारी

  • रायपुर के 5 नागरिक: सुरक्षित, वापस लौटने के लिए रवाना

  • मोनिका यादव, रायपुर: संबंधित एजेंसियों से स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है

प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लापता लोगों के संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।