नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा : रायपुर कोर्ट का फैसला

नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा : रायपुर कोर्ट का फैसला

रायपुर। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में रायपुर की अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। थाना सिविल लाइन में वर्ष 2025 में दर्ज मामले में पुलिस की त्वरित जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।

पुलिस के अनुसार आरोपी मनोज महिलांग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 115(2), 351(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

तय समय में पेश किया चालान

विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर सख्त रुख

रायपुर पुलिस ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। मामले में पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखते हुए सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया और उसे न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई की गई।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।