छत्तीसगढ़ मौसम : आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानिए अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम

छत्तीसगढ़ मौसम : आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानिए अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश की संभावना जताते हुए आज भारी वर्षा और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही मौसम केंद्र ने अगले 5 दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार राज्य के अलग-अलग इलाकों में बारिश की गतिविधियां निरंतर जारी रहने के आसार हैं। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशवासियों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

मानसून तंत्र का प्रभाव, इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसून द्रोणिका के प्रभाव से राज्य में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। इसके प्रभाव से बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभाग के अनेक हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी और वनांचल इलाकों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) चमकने और गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

अगले 5 दिनों के दौरान मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग द्वारा जारी 5 दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुरुआती दो से तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम बना रहेगा और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके बाद के दिनों में बारिश की तीव्रता में हल्की कमी आने की संभावना है, हालांकि स्थानीय प्रणालियों के प्रभाव से आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ती रहेंगी। लगातार हो रही बारिश से दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।

फसलों के लिए वरदान और सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन

सितंबर के महीने में हो रही यह बारिश राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि धान की फसल में बालियां आने के इस चरण में पानी की उपलब्धता से उत्पादन में काफी सुधार होगा। दूसरी ओर, आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए आम जनता और किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। बारिश या गर्जना के दौरान लोगों को खुले खेतों, जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी गई है।