चक्रवात 'अर्नब' की मार: बेमौसम बारिश से धान और दलहन की फसलों को भारी नुकसान, अन्नदाताओं की बढ़ी चिंता

चक्रवात 'अर्नब' की मार: बेमौसम बारिश से धान और दलहन की फसलों को भारी नुकसान, अन्नदाताओं की बढ़ी चिंता
गरियाबंद: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धान कटाई और खरीदी के ठीक मुहाने पर आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण खेतों में तैयार खड़ी फसल भारी नुकसान की चपेट में आ गई है। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र अंतर्गत सिनापाली, बाड़ीगांव, गिरशुल और झाखरपारा समेत 20 से अधिक गांवों में हजारों एकड़ में फैली पकी हुई धान की फसल पानी से भरे खेतों में पूरी तरह बिछ गई है।

खेतों में घुटने तक भरे पानी के बीच अन्नदाता अपनी महीनों की मेहनत को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर किसान पानी में खड़े होकर धान के पौधों को आपस में बांधकर सीधा करने की जद्दोजहद कर रहे हैं ताकि बालियां सड़ने से बच सकें। किसानों का कहना है कि दूध भरी और पकी हुई फसल यदि अगले कुछ दिनों तक पानी में डूबी रही, तो पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी। इसके अलावा, इस बेमौसम बारिश ने केवल धान ही नहीं, बल्कि मक्का, दलहन और सब्जी की फसलों को भी भारी क्षति पहुंचाई है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा के बाद नुकसान के आकलन के लिए सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। देवभोग तहसीलदार सुशील कुमार भोई ने बताया कि तूफान से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए मैदानी अमले द्वारा सर्वे कराया जाएगा। नियमानुसार 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान पर आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत पीड़ित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति और सहायता राशि प्रदान की जाएगी।